प्रयागराज, जून 28 -- प्रयागराज। सीएमपी डिग्री कॉलेज और दिल्ली विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने चिरौंजी के पौधे की मदद से विशेष जिंक ऑक्साइड नैनोकण तैयार किए हैं, जिनसे भविष्य में कैंसर, गठिया और अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज की नई संभावनाएं पैदा हुई हैं। यह शोध अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक पत्रिका थ्री बायोटेक के हालिया अंक में प्रकाशित हुआ है। प्रोजेक्ट के मुख्य अन्वेषक सीएमपी के डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि चिरौंजी के पौधे से जुड़े लाभकारी कवकों की मदद से पर्यावरण के अनुकूल तकनीक से ये नैनोकण तैयार किए हैं। खास बात यह है कि इन्हें बनाने में किसी हानिकारक रसायन का इस्तेमाल नहीं किया गया, जिससे यह तकनीक सस्ती और सुरक्षित मानी जा रही है。 यह भी पढ़ें- एडवांस फोटोडिटेक्टर का रास्ता साफ, यूवी भी पकड़ लेगाशोध के निष्कर्ष शोध में पाया गया कि कर...