बरेली, मार्च 27 -- मेडिसिटी अस्पताल के डॉ. विमल भारद्वाज का कहना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष का असर हाल फिलहाल में चिकित्सीय सेवाओं पर पड़ता नहीं दिख रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में सबसे बड़ी चिंता ऊर्जा संकट को लेकर है, जिसके लिए अधिकांश अस्पताल पहले से तैयार हैं। कोविड महामारी से मिले अनुभव के आधार पर अस्पतालों ने अपनी व्यवस्थाओं को मजबूत किया है। इसी क्रम में कई अस्पताल अब सौर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं, जिससे बिजली पर निर्भरता कम हुई है। इसके अलावा ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक चिकित्सीय संसाधनों का उत्पादन भी अधिकांश अस्पतालों द्वारा स्वयं किया जाने लगा है, जिससे आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।

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