बेंगलुरु , अक्टूबर 03 -- प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 927.22 करोड़ रुपये के कथित घर खरीदार धोखाधड़ी मामले में ओजोन अर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स के प्रमोटर एवं अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) एस. वासुदेवन को गिरफ्तार किया है। एजेंसी अब विभिन्न समूह कंपनियों के जरिए कथित तौर पर धन के डायवर्जन और लेयरिंग की जांच कर रही है।

ईडी के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने वासुदेवन को 30 सितंबर को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद बेंगलुरु की विशेष पीएमएलए अदालत ने एक अक्टूबर को उन्हें 14 दिन की हिरासत मेंभेज दिया।

ईडी की कार्रवाई ओजोन अर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रमोटरों द्वारा कथित धोखाधड़ी की जांच के बाद हुई है। इस संबंध में बेंगलुरु में कई प्राथमिकी दर्ज की गयी थीं। इसके अलावा उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर नयी दिल्ली में सीबीआई की आर्थिक अपराध-I इकाई ने भी एक मामला दर्ज किया था।

ईडी के अनुसार, कंपनी ने कथित तौर पर घर खरीदारों को यह पेशकश कर आकर्षित किया कि उनके फ्लैट का कब्जा मिलने तक निर्माण-पूर्व ईएमआई का भुगतान कंपनी करेगी। आरोप हालांकि है कि परियोजनाएं तय समयसीमा में पूरी नहीं की गयीं, जिससे खरीदारों को न तो फ्लैट का कब्जा मिला और न ही जमा की गयी राशि वापस मिली।

एजेंसी ने आरोप लगाया कि कंपनी ने आवासीय इकाइयां उपलब्ध नहीं करायीं और घर खरीदारों द्वारा भुगतान की गयी राशि भी वापस नहीं की। ईडी के अनुसार, अग्रिम बुकिंग राशि और ऋण के रूप में प्राप्त धन का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया।

ईडी ने कहा कि जांच में घर खरीदारों के 927.22 करोड़ रुपये से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले का खुलासा हुआ है। प्राप्त राशि के बदले खरीदारों को अपार्टमेंट या अन्य इकाइयां उपलब्ध नहीं करायी गयीं।

जांच अब ओजोन समूह की विभिन्न कंपनियों के बीच कथित अपराध से अर्जित राशि के हस्तांतरण तक भी पहुंच गयी है। वासुदेवन ओजोन इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, ओजोन रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड और ओजोन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के साझा निदेशक हैं। इन सभी कंपनियों के खिलाफ कथित घर खरीदार धोखाधड़ी से जुड़े अलग-अलग सीबीआई मामले भी जांच के दायरे में हैं।

ईडी ने इससे पहले एक अगस्त 2025 को पीएमएलए की धारा 17 के तहत मामले से जुड़े परिसरों की तलाशी ली थी और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किये थे। इसके बाद एजेंसी ने 4 अक्टूबर 2025 को 423.378 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को पीएमएलए के तहत कुर्क करने का अस्थायी आदेश जारी किया था।

ईडी ने कहा कि जांच के दौरान जुटायी गयी सामग्री के आधार पर वासुदेवन को गिरफ्तार किया गया है। जांच का उद्देश्य कथित अपराध से अर्जित राशि के सृजन, डायवर्जन, लेयरिंग और इस्तेमाल के तरीके का पता लगाने के साथ-साथ प्रमोटर, समूह की कंपनियों और अन्य लोगों की भूमिका निर्धारित करना है, जिनके माध्यम से कथित तौर पर धन का लेन-देन किया गया। एजेंसी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।

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