रामगढ़ , जुलाई 24 -- झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) रामगढ़ मो. तौफीकुल हसन के मार्गदर्शन तथा सचिव अनिल कुमार के नेतृत्व में शुक्रवार को सिविल कोर्ट से परिसर के सम्मेलन कक्ष में 90 दिवसीय जागरूकता एवं आउटरीच अभियान के अंतर्गत राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
प्रदर्शनी का उद्देश्य आमजन को नालसा द्वारा संचालित विभिन्न विधिक सहायता एवं जनहितकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना तथा समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। इस दौरान महिलाओं एवं बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, मानव तस्करी एवं एसिड हमले के पीड़ितों, आपदा प्रभावितों तथा बाल हितैषी विधिक सेवाओं सहित वर्ष 2025 में शुरू की गई नई योजनाओं से संबंधित जानकारी पोस्टर, बैनर एवं सूचना-पत्रों के माध्यम से प्रदर्शित की गई।
प्रदर्शनी का अवलोकन न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े सदस्यों, पैनल अधिवक्ताओं, पैरा लीगल वॉलेंटियर्स, न्यायालय कर्मियों तथा बड़ी संख्या में उपस्थित आम नागरिकों ने किया। इस अवसर पर लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएलएसए के सचिव अनिल कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण विधिक सहायता पहुंचाना तथा सभी के लिए न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपनी विधिक समस्याओं के समाधान के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें।
उन्होंने कहा कि नालसा एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य समाज में विधिक साक्षरता बढ़ाना और जरूरतमंद लोगों तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाना है।
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