हैदराबाद , मार्च 13 -- तेलंगाना सरकार के वाणिज्य कर विभाग ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की 84 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने के आरोप में एक कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया है।
एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि उसने लगभग 84.15 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल किया। आईटीसी वह धनराशि होती है जिसकी वापसी का दावा सरकार से किया जाता है। कारोबारी जब टैक्स जमा करते हैं तो उस वस्तु पर पहले से जमा टैक्स उनको आईटीसी के रूप में वापस मिल जाता है।
अधिकारियों ने 'मेसर्स एसकेजी ट्रेडिंग कंपनी' के प्रोपराइटर संदीप कुमार गोयल की गतिविधियों की विश्वसनीय खुफिया जानकारी और विस्तृत डेटा विश्लेषण के आधार पर जांच की थी। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि गोयल ने वास्तव में माल की आपूर्ति किये बिना ही फर्जी बिल दे दिये। फिर उसने इन बिलों चालानों का दुरूपयोग करके आईटीसी का लाभ उठाया जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि गोयल 'मेसर्स एचएफसी स्टील ट्यूब्स एंड वाल्व्स' कंपनी के मालिक और 'मेसर्स विजय इंडस्ट्रियल नीड्स एलएलपी' में भागीदार भी थे। इन दोनों कंपनियों में भी सामान की आपूर्ति किए बिना ही फर्जी आईटीसी दावे पाये गये। सरकार ने इन दोनों कंपनियों का जीएसटी पंजीकरण रद्द कर दिया है।
सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद, विभाग ने गोयल को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में आगे की जांच अभी चल रही है।
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