लखनऊ , सितंबर 24 -- उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने कार्रवाई तेज कर दी है। तस्करों की गिरफ्तारी के साथ उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर जोर दिया जा रहा है।

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने वर्ष 2029 तक उत्तर प्रदेश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य दोहराया है। पुलिस के मुताबिक 23 सितंबर तक प्रदेश में पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत 71 मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। वहीं, मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई में भी तेजी आई है। वर्ष 2026 में अब तक प्रदेश में करीब 80 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां 69 मामलों में जब्त की गई हैं।

श्री कृष्ण ने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान का उद्देश्य केवल तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना और अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों को जब्त करना भी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को वर्ष 2029 तक नशामुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में कार्रवाई तेज की जा रही है।

आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 में प्रदेश में पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत सात तस्करों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, जिनमें पांच कार्रवाई एएनटीएफ ने की थीं। वर्ष 2025 में 19 तस्करों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई, जबकि वर्ष 2026 में अब तक यह संख्या बढ़कर 71 हो गई है। इनमें एएनटीएफ ने 33 तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है। अवैध संपत्तियों की जब्ती के मामले में भी कार्रवाई बढ़ी है। वर्ष 2025 में करीब 19 करोड़ रुपये की संपत्तियां 29 मामलों में जब्त की गई थीं। वर्ष 2026 में अब तक करीब 80 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई की जा चुकी है।

एएनटीएफ के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में चार मामलों में करीब एक करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गईं। वर्ष 2025 में 28 मामलों में करीब 17 करोड़ रुपये और वर्ष 2026 में 40 मामलों में करीब 13 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई की गई।

पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के आंकड़ों में वर्ष 2026 में जब्ती की कुल राशि करीब 78.5 करोड़ रुपये बताई गई है।

पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत गुरमेल सिंह, भोला प्रसाद, संजीव राणा, विभोर राणा, शेरमानी पटेल और परमानंद उर्फ पप्पू सहित कई तस्करों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। डीजीपी ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट की धारा 68(ई) और 68(एफ) के तहत मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित संपत्तियों को पहले अस्थायी रूप से फ्रीज किया जाता है। जांच और संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर देने के बाद नियमानुसार संपत्तियों को स्थायी रूप से जब्त किया जाता है। इस प्रक्रिया के जरिए तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने की कार्रवाई की जा रही है।

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