भिवानी , जून 21 -- हरियाणा में भिवानी के टिबड़ेवाल सभागार के सामने पिछले 65 वर्षों से काबिज छह गरीब परिवारों को कथित रूप से बेदखल करने के प्रयास के विरोध में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और कर्मचारी संगठनों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।

संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित धरने की अध्यक्षता ढाणी हरसुख के पूर्व सरपंच जगदीश सैनी ने की।

धरने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि वर्षों से दुकानें संचालित कर रहे परिवारों को जबरन हटाने का प्रयास किया जा रहा है। वक्ताओं ने दावा किया कि संबंधित परिवारों के पास किराए की रसीदें और अन्य दस्तावेज मौजूद हैं, जो उनके लंबे समय से कब्जे में होने का प्रमाण हैं।

धरने को संबोधित करते हुए जनसंघर्ष समिति के संयोजक कामरेड ओमप्रकाश, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ से सुखदर्शन सरोहा, बसपा नेता पवन ठाकुर, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के रामचंद्र सैनी, भारत विकास परिषद के नीरज सैनी और सैनी कल्याण परिषद के प्रधान भूप सिंह सैनी ने कहा कि प्रभावित परिवारों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा दबाव बनाकर दुकानों को खाली करवाने की कोशिश की जा रही है।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और संबंधित परिवारों के रोजगार तथा कानूनी अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिलता और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

धरनास्थल पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए प्रभावित परिवारों के समर्थन में आवाज उठाई।

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