पटना , जून 15 -- पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने सोमवार को 50 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली सड़क और पुल परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में बिहार राज्य रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल), बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड (बीआरपीएनएनएल), राष्ट्रीय उच्च पथ तथा पथ निर्माण विभाग के अधीन संचालित प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया।
बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और अभियंताओं ने भाग लिया, जबकि क्षेत्रीय अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप योजनाओं की नियमित निगरानी और उनके त्वरित क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया।
सचिव ने निर्देश दिए कि सभी प्रमंडलों में व्यापक सर्वेक्षण कराया जाए तथा चल रहे निर्माण कार्यों की भौतिक जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता निर्माण कार्यों की गुणवत्ता है और इसकी नियमित निगरानी की जानी चाहिए। साथ ही सभी अधिकारियों को परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली (पीएमआईएस) पोर्टल को नियमित रूप से अद्यतन करने का निर्देश दिया गया, जिससे योजनाओं की वास्तविक समय में निगरानी की जा सके।
बैठक में जन शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की गई।
सचिव ने कहा कि 'सहयोग पोर्टल' पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित समाधान विभाग की प्राथमिकता है। समीक्षा में 55 शिकायतें लंबित पाई गईं, जिनके शीघ्र निस्तारण का निर्देश दिया गया। उन्होंने अधिकांश प्रमंडलों के कार्यों पर संतोष भी व्यक्त किया।
सचिव ने प्रगति यात्रा से संबंधित योजनाओं सहित अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए । उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी परियोजना में लापरवाही, विलंब या गुणवत्ता से समझौता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में आगामी मानसून को देखते हुए बाढ़ और सुखाड़ की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। सचिव ने निर्देश दिए कि सभी तैयारियां निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार पूरी की जाएं। उन्होंने छोटे-बड़े पुलों और पुलियों की सफाई, कटावरोधी सामग्री का समय पर भंडारण तथा संवेदनशील स्थलों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही किसी भी क्षति की स्थिति में तत्काल मरम्मत की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।
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