इटावा , अक्टूबर 05 -- उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र में साइबर ठगों ने सीबीआई और दिल्ली पुलिस के अधिकारी बनकर पेंट्स व सीमेंट कारोबारी को 33 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा और उससे 21 लाख रुपये ठग लिए।

आरोपियों ने कारोबारी को करीब 6.80 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन में फंसने और गिरफ्तारी का डर दिखाया। रकम जुटाने के लिए कारोबारी को घर के सोने-चांदी के जेवर तक बेचने पड़े।

पुलिस अधीक्षक नगर बबीता सिंह ने सोमवार को बताया कि सीबीआई जांच के नाम पर कारोबारी से डराकर 21 लाख रुपये की वसूली की गई। मामला संज्ञान में आने के बाद जांच के दौरान एक खाते में भेजी गई सात लाख रुपये की रकम को होल्ड करा दिया गया है। अन्य खातों और मोबाइल नंबरों की जांच की जा रही है तथा आरोपियों की तलाश की जा रही है।

विजयनगर निवासी वीरेंद्र सिंह कुशवाह पचावली रोड, यशोदानगर में जमुना एजेंसी चलाते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 अगस्त को उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए दिल्ली पुलिस कंप्लेंट एक्नॉलेजमेंट की फोटो भेजी गई। व्हाट्सएप आईडी पर बलराज सिंह आईपीएस नाम लिखा था। कुछ देर बाद फोन कर बताया गया कि दिल्ली में उनके नाम से आईसीआईसीआई बैंक का खाता है, जिसमें 6.80 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।

आरोपियों ने कारोबारी को बताया कि मामले में सीबीआई जांच शुरू हो गई है और उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। ठगों ने फर्जी पासबुक और लेनदेन का विवरण भी भेजा, जिससे कारोबारी उनकी बातों पर भरोसा करने लगे। इसके बाद मामला खत्म कराने के नाम पर 50 लाख रुपये मांगे गए। किसी को जानकारी देने पर परिवार को घर से उठाने की धमकी दी गई।

डर के कारण कारोबारी ने 27 अगस्त को दो लाख और पांच सितंबर को दो लाख रुपये अलग-अलग खातों में आरटीजीएस किए। इसके बाद भी धमकियां जारी रहीं। 14 सितंबर को उनसे 10 लाख रुपये आईसीआईसीआई बैंक खाते में और 18 सितंबर को सात लाख रुपये हैदराबाद स्थित श्री वेंकटेश्वरी यूपी-वीसी प्राइवेट लिमिटेड के खाते में ट्रांसफर कराए गए।

आरोपी कभी बलराज सिंह आईपीएस तो कभी प्रदीप नाम बताकर खुद को सीबीआई चीफ बताते थे। व्हाट्सएप ऑडियो और वीडियो कॉल के जरिए कारोबारी को लगातार धमकाया जाता रहा। 21 सितंबर को फिर रुपये मांगे गए। रकम नहीं देने पर कारोबारी और उनके बेटे को घर से उठाकर जेल भेजने तथा जमानत नहीं होने देने की धमकी दी गई।

पीड़ित के अधिवक्ता बेटे आयुष कुमार ने बताया कि ठगों ने डराने के लिए उनकी दुकान के पास का एक वीडियो बनाकर उनके पिता के नंबर पर भेजा। वीडियो के साथ कहा गया कि उनके दो लोग आसपास मौजूद रहेंगे, इसलिए कोई होशियारी न करें। लगातार धमकियों से परेशान कारोबारी को बाद में ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने एसएसपी इटावा और साइबर थाने में शिकायत की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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