चंडीगढ़ , मई 28 -- शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की 328 पावन बीड़ों से जुड़े मामले में पंजाब सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को चौथी बार रिकॉर्ड सौंपा है।

एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने गुरुवार को चंडीगढ़ स्थित उप कार्यालय में दस्तावेज सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि एसजीपीसी इस मामले में पूरी पारदर्शिता के साथ जांच टीम को सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच श्री अकाल तख्त साहिब की निगरानी में हो रही है और एसजीपीसी उसी के निर्देशों के अनुसार एसआईटी को पूरा सहयोग दे रही है।

श्री धामी ने बताया कि सात दिसंबर 2025 को एफआईआर दर्ज होने के बाद एसआईटी ने पहली बार 13 जनवरी 2026 को रिकॉर्ड मांगा था, जिसे 29 जनवरी को चंडीगढ़ कार्यालय में सौंप दिया गया। इसके बाद 17 फरवरी को प्राप्त पत्र के आधार पर 11 मार्च 2026 को आठ बिंदुओं से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवायी गयी। तीन अप्रैल को भेजे गये तीसरे पत्र के तहत मांगी गयी 18 मदों से संबंधित रिकॉर्ड 27 अप्रैल को जांच टीम को सौंपा गया। उन्होंने कहा कि बुधवार को भी बिल बुक और लेजर से संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां एसआईटी को सौंपी गयी हैं।

एसजीपीसी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जांच टीम द्वारा अदालत में यह कहना कि एसजीपीसी सहयोग नहीं कर रही, पूरी तरह गलत और भ्रामक है। उन्होंने कहा कि दस्तावेज सौंपने की वीडियो रिकॉर्डिंग भी एसजीपीसी के पास मौजूद है और यदि एसआईटी अदालत में गलत बयान देती रही तो वीडियो और रिकॉर्ड सार्वजनिक किये जाएंगे।

श्री धामी ने कहा कि एसजीपीसी ने सत्यापित प्रतियां जांच टीम को दी हैं और यदि अदालत निर्देश देगी तो मूल रिकॉर्ड भी पेश किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसजीपीसी 328 पावन बीड़ों से जुड़े मामले में पूरा सहयोग कर रही है, लेकिन जांच के दायरे से बाहर की जानकारी देने के लिए बाध्य नहीं है। श्री धामी ने कहा कि इस संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को पत्र लिखा गया है और उनके निर्देशों के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच टीम गैर-जरूरी जानकारियां मांगने और अदालत में गलत बयान देने का सिलसिला बंद नहीं करती तो एसजीपीसी सहयोग बंद करने के लिए मजबूर होगी।

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