चंडीगढ़ , सितंबर 01 -- पंजाब के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अमन अरोड़ा ने मंगलवार को राज्यका एकीकृत डिजिटल पोर्टल 'डिजी पंजाब' लॉन्च किया। पोर्टल के माध्यम से 12 विभागों की 300से अधिक सरकारी सेवाएं एक ही मोबाइल-फ्रेंडली प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी। सरकार ने अगलेदो महीनों में सभी 800 से अधिक सरकारी सेवाओं को इस पोर्टल से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में पोर्टल लॉन्च करते हुए श्री अरोड़ा ने कहा कि इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर, लंबी कतारों और सिफारिश से मुक्त कर समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र, शस्त्र लाइसेंस जारी एवं नवीनीकरण, विवाह पंजीकरण, श्रम कल्याण योजनाएं, संपत्ति हस्तांतरण, पुलिस वेरिफिकेशन, आय एवं निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और पानी के कनेक्शन सहित अनेक सेवाएं उपलब्ध होंगी।
श्री अरोड़ा ने कहा कि प्रत्येक सेवा के लिए निश्चित समय-सीमा तय की जाएगी और किसी आवेदन में देरी होने पर संबंधित अधिकारी के रिकॉर्ड में इसका उल्लेख होगा। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही के अभाव में भ्रष्टाचार पनपता है और नया सिस्टम दोनों को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि 'डिजी पंजाब ' महज आईटी परियोजना नहीं, बल्कि नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में बड़ा बदलाव है। पोर्टल पर आवेदन की शुरुआत से लेकर निस्तारण तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी और नागरिक मोबाइल, वेबसाइट तथा व्हाट्सऐप के माध्यम से आवेदन की स्थिति देख सकेंगे।
उन्होंने कहा कि अब नागरिकों को फाइल के पीछे भागने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि सरकार नागरिक तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि जहां तकनीक की पहुंच अभी नहीं है, वहां सेवा केंद्र और 1076 डोरस्टेप डिलीवरी सेवा लोगों के लिए माध्यम का काम करती रहेगी।
श्री अरोड़ा ने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने 'मांवा-धीयां सत्कार योजना' के तहत76 लाख से अधिक लाभार्थियों को डिजिटल प्रणाली से जोड़ा है तथा एसएमएस और व्हाट्सऐप के माध्यम से दो करोड़ से अधिक क्यूआर-कोड वाले प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा 45 हजार से अधिक पटवारियों, सरपंचों और पार्षदों ने मोबाइल फोन के माध्यम से एक करोड़ से अधिक आवेदनों की प्रक्रिया पूरी की है।
उन्होंने कहा, "अच्छा शासन मेरा मिशन है। यह केवल तकनीक की बात नहीं, बल्कि लोगों का व्यवस्था में विश्वास बहाल करने की कोशिश है।"उन्होंने अधिकारियों से पोर्टल को सफल बनाने के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने और नागरिकों का मार्गदर्शन करने का आह्वान किया। इस अवसर पर पंजाब ट्रांसपेरेंसी एंड अकाउंटेबिलिटी कमीशन के मुख्य आयुक्त वी.के. जंजुआ, अतिरिक्त मुख्य सचिव जीजीएंडआईटी डी.के. तिवारी, निदेशक विशेष सारंगल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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