लखनऊ , सितंबर 25 -- उत्तर प्रदेश में लगातार बदलते मौसम और भारी बारिश, आंधी तथा वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए योगी सरकार ने प्रशासन को अलर्ट कर दिया है।

राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मौसम की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

राहत आयुक्त ने कहा कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी स्वयं क्षेत्र में रहकर स्थिति की निगरानी करें और स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखें। मौसम संबंधी चेतावनियों और आवश्यक सावधानियों की जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्थानीय संचार माध्यमों और अन्य उपलब्ध संसाधनों के जरिए लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत अन्य क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अधिकारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका जताई गई है।

इसे देखते हुए सुरक्षा और राहत एजेंसियों को आवश्यकतानुसार तत्काल सक्रिय किए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राहत आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तेज आंधी और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों, बागों और पार्कों में जाने से रोका जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी व्यक्ति को खराब मौसम के दौरान खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर न होना पड़े। राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को सक्रिय रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए जिलाधिकारी अपने विवेकाधिकार का इस्तेमाल करते हुए स्कूल, कॉलेज और कम आवश्यक सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय ले सकते हैं।

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