दरभंगा , जुलाई 30 -- बिहार में दरभंगा जिले की अदालत ने 25 वर्ष पुराने आर्म्स एक्ट मामले में तीन दोषियों को एक-एक वर्ष की सजा सुनाई है। सिविल कोर्ट, दरभंगा के अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (नवम) कुमार रितेश की अदालत ने 25 वर्ष पुराने आर्म्स एक्ट के एक मामले में तीन दोषियों को एक-एक वर्ष के कारावास तथा कुल दो-दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अदालत ने कमतौल थाना कांड संख्या 33/2001 से संबंधित विचारण वाद संख्या 274/2024 की सुनवाई पूरी करने के बाद गुरुवार को कमतौल थाना क्षेत्र के पुणहद गांव निवासी मो. हासीम उर्फ छोटक के पुत्र मो. वाहिद, लालचंद दास के पुत्र हलखोरी दास तथा विशो दास को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी) और धारा 26 के तहत एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोनों धाराओं में एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड भी लगाए गए हैं। अर्थदंड जमा नहीं करने पर प्रत्येक दोषी को 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। अदालत ने सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का आदेश दिया है।
अभियोजन पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि 13 अप्रैल 2001 को कमतौल पुलिस को सूचना मिली थी कि पंचायत चुनाव में गड़बड़ी फैलाने की आशंका के बीच एमसीसी से जुड़े उग्रवादी क्षेत्र में छिपे हुए हैं। सूचना के आधार पर पुलिस जब छापेमारी के लिए पहुंची तो तीन लोग भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से दो देशी पिस्तौल और जीवित कारतूस बरामद किए गए थे।
यह मामला पिछले 25 वर्षों से न्यायालय में लंबित था, जिसका गुरुवार को अदालत ने निर्णय सुनाते हुए निष्पादन कर दिया।
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