नैनीताल , सितंबर 17 -- उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ ने सरकार से प्रदेशभर में विभिन्न महकमों में सेवारत 22 हजार उपनल कर्मियों के चरणबद्ध नियमितीकरण के संबंध में ठोस कदम उठाने की मांग की है।

संघ ने गुरुवार को नैनीताल में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के माध्यम से यह मांग की। संघ के संघ अध्यक्ष रमेश चन्द्र शर्मा, सलाहकार मनोज जोशी, संरक्षक गणेश गोस्वामी और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पूरन चन्द्र भट्ट ने कहा कि उच्च न्यायालय ने 'कुंदन सिंह बनाम उत्तराखंड राज्य' मामले में 12 नवंबर 2018 को महत्वपूर्ण आदेश जारी कर उपनल कार्मिकों के चरणबद्ध नियमितीकरण, न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ता के भुगतान के निर्देश दिए थे। राज्य सरकार की शीर्ष अदालत में दायर विशेष अनुमति याचिका 15 अक्टूबर 2024 और पुनर्विचार याचिका उच्च न्यायालय में 11 नवंबर 2025 को खारिज हो चुकी है।

संघ पदाधिकारियों ने बताया कि 10 सितंबर को हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से वेतन न रोकने, पांच माह का लंबित वेतन तत्काल जारी करने और कर्मचारियों को नए अनुबंध-बॉन्ड के लिए बाध्य न करने का निर्देश दिया था लेकिन एक सप्ताह से अधिक बीतने पर भी शासन की ओर से कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया गया है जिससे कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

संघ की ओर से चेतावनी दी गई कि यदि उच्च न्यायालय में 23 सितंबर तक अगली सुनवाई पर स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती है तो संघ अवमानना मामले में अदालत से सभी तथ्यों के साथ प्रभावी अनुपालन की मांग करेगा।

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