भुवनेश्वर , अगस्त 27 -- ओडिशा सरकार बहुदा में 21,500 करोड़ रुपये का मेगा पोर्ट बनाने, गोपालपुर पोर्ट का विस्तार करने, अर्जीपल्ली फिशिंग हार्बर का नवीनीकरण करने और 28 फिश लैंडिंग सेंटर स्थापित करने की योजना बना रही है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को गंजम जिले के गोलाबंध में एक विशेष कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार जिले के लिए अपनी व्यापक विकास रणनीति के तहत 'ब्लू इकोनॉमी' (समुद्री अर्थव्यवस्था) को प्राथमिकता दे रही है। प्रस्तावित पोर्ट और समुद्री बुनियादी ढांचे के विस्तार से व्यापार, मत्स्य पालन और संबंधित आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों के लिए नए अवसर भी पैदा होंगे।
इस्पात और खान मंत्री विभूति भूषण जेना ने कहा कि गोपालपुर इंडस्ट्रियल पार्क में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाले 14 प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं, जिनमें 18,000 से अधिक नौकरियां पैदा करने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि बहुदा में प्रस्तावित 21,500 करोड़ रुपये का मेगा पोर्ट गंजाम के व्यावसायिक परिदृश्य को काफी हद तक बदल देगा।
एमएसएमई, मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने कहा कि समुद्री अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अर्जीपल्ली फिशिंग हार्बर का नवीनीकरण किया जा रहा है और 28 नए फिश लैंडिंग सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्थानीय महिलाओं और युवाओं के बीच आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए नई एमएसएमई, पहल भी लागू कर रही है।
इस कार्यक्रम से गोलाबंध के लंबे समय से विस्थापित नोलिया मछुआरा समुदाय को भी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने 1,371 परिवारों के लिए 75.60 करोड़ रुपये के विशेष पुनर्वास और पुनर्स्थापन पैकेज की घोषणा की है।
इस पैकेज के तहत, प्रत्येक पात्र परिवार को एकमुश्त मुआवजे के रूप में पांच लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावा, 998 अधूरे घरों को पूरा करने और 10 नए घर बनाने के लिए आवास सहायता के तौर पर 4.25 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। नई कीर्तिपुर कॉलोनी में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 2.80 करोड़ रुपये से ज़्यादा की मंज़ूरी दी गई है। इसमें सड़कें, स्ट्रीट लाइटिंग, आंगनवाड़ी केंद्र, मार्केट कॉम्प्लेक्स, पब्लिक टॉयलेट, साइक्लोन शेल्टर और मछली पकड़ने वाली नावों की पार्किंग के लिए बीच को समतल करना शामिल है।
श्री माझी ने कहा कि 1984 में आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज के लिए ज़मीन ट्रांसफर होने के बाद से गोलाबंध विस्थापन का मुद्दा लगभग चार दशकों से अनसुलझा था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस लंबे समय से लंबित मुद्दे का स्थायी समाधान करने के लिए कदम उठाए हैं।
चेलिगाडा मध्यम सिंचाई परियोजना से विस्थापित हुए 112 परिवारों में से 96 परिवारों को ज़मीन के मालिकाना हक के कागज़ात भी बांटे गए। इन परिवारों को दिगापहांडी के संत्रापुर में फिर से बसाया जा रहा है, और हर परिवार को घर बनाने के लिए 10 डेसिमल ज़मीन और खेती के लिए दो एकड़ ज़मीन दी जा रही है।
श्री माझी ने कहा कि अगले साल के आखिर तक चेलिगाडा प्रोजेक्ट पूरा होने से गंजाम और गजपति ज़िलों में 6,000 हेक्टेयर से ज़्यादा ज़मीन सिंचाई के दायरे में आ जाएगी।
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