नयी दिल्ली , अगस्त 15 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओलंपिक खेलों में भारत की कम भागीदारी का उल्लेख करते हुए शनिवार को कहा कि 2036 के ओलंपिक खेलों के लिए अभी से देश भर में टैलेंट हंट अभियान चलाया जायेगा जिसमें देश के हर हिस्से में जाकर खेल प्रतिभाओं की पहचान की जायेगी।

श्री मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि ओलंपिक खेलों में 325 से 350 प्रकार की प्रतिस्पर्धाएं होती हैं जिनमें दो-तिहाई में देश का प्रतिनिधित्व होता ही नहीं है। उन्होंने कहा, "जिन विधाओं में आज भारत खेलता नहीं है, जिन विधाओं में भारत क्वालीफाई नहीं करता है, जिन स्पर्धाओं में भारत ने छोड़ के रखा है, तीन-चौथाई हिस्सा हमारा इंतजार कर रहा है। भारत उस पर बल देगा और इसके लिए हम टैलेंट हंट का एक अभियान भी चलाना चाहते हैं।"उन्होंने कहा कि 2036 के ओलंपिक के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए आज जो बच्चे पांच साल, 10 साल, 15 साल की उम्र के हैं, उनकी तरफ ध्यान देना होगा। इसलिए पांच से पंद्रह साल की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभा ढूंढने के लिए गांव-गांव, शहर-शहर, स्कूल-स्कूल एक टैलेंट हंट का अभियान चलाया जायेगा, बच्चों की प्रतिभा को देखा जायेगा और फिर उन्हें विशेष प्रशिक्षण देकर देश के लिए खेलने वाले अच्छे खिलाड़ी तैयार किये जाएंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत खेल की दुनिया में अपनी जगह बना रहा है। अब खेल के पोडियम पर भारत का राष्ट्र गान सुनाई देता है, तिरंगा झंडा लहराता नजर आ रहा है। खेलो इंडिया गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, विंटर गेम्स, बीच गेम्स, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर, स्पोर्ट्स के लिए कोचिंग, स्पोर्ट्स मेडिसिन, स्पोर्ट्स के लिए न्यूट्रिशन जैसे विषयों में देश अब महारत हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज नौजवानों के लिए पूरा नया क्षेत्र खुला है, खिलाड़ी ना बन सके तो उसके सपोर्ट सिस्टम में भी बहुत बड़ा क्षेत्र खुल रहा है।

उन्होंने कहा कि साल 2030 के राष्ट्रमंडल खेल अपने देश में होने वाले हैं और भारत 2036 में ओलंपिक के आयोजन के लिए मजबूत दावेदार बनकर आगे बढ़ रहा है।

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