लखनऊ , अक्टूबर 19 -- वर्ष 2032 में प्रतिष्ठित यूसीआई रोड वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी मिलने से देश में साइकिलिंग के बुनियादी ढांचे, खेल के अवसरों और साइकिल चलाने की संस्कृति को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई) के अध्यक्ष और नोएडा से विधायक पंकज सिंह ने इसे भारतीय साइकिलिंग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
अंतरराष्ट्रीय रोड साइकिलिंग की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में शामिल यह चैंपियनशिप पुणे में आयोजित की जाएगी। यह पहली बार होगा जब एक सदी से अधिक पुराने इस आयोजन की मेजबानी भारत करेगा। पंकज सिंह ने कहा कि चैंपियनशिप की मेजबानी हासिल करना अंतरराष्ट्रीय खेलों में भारत की बढ़ती भूमिका और क्षमता को दर्शाता है। इससे देश में बेहतर साइकिलिंग बुनियादी ढांचा विकसित करने के साथ-साथ प्रतिस्पर्धी साइकिलिंग के लिए मजबूत माहौल तैयार करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, "इतनी प्रतिष्ठित चैंपियनशिप की मेजबानी से भारत में साइकिलिंग को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलेंगे।" सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक खेलों में भारत की बढ़ती उपस्थिति का एक और संकेत है। साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष का पद संभालने के बाद से ही पंकज सिंह भारत में इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए प्रयास कर रहे थे। अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग संघ (यूसीआई) ने अब वर्ष 2032 के आयोजन के लिए पुणे को मेजबान शहर के रूप में चुना है।
पंकज सिंह के मुताबिक, इस चैंपियनशिप का आयोजन देश में बेहतर साइकिलिंग ट्रैक, प्रशिक्षण केंद्रों और अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए उत्प्रेरक का काम कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन से देशभर में युवा खिलाड़ियों को साइकिलिंग को गंभीर खेल करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिलने की भी उम्मीद है। भारत इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप की मेजबानी करने वाला एशिया का चौथा देश होगा।
इस आयोजन का प्रभाव केवल प्रतिस्पर्धी खेल तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। साइकिलिंग को मिलने वाली व्यापक अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय पहचान से देश में साइकिल चलाने की संस्कृति को बढ़ावा मिल सकता है। सुरक्षित और बेहतर साइकिलिंग बुनियादी ढांचे के विकास से लोगों को छोटी दूरी की यात्राओं के लिए साइकिल का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। इससे मोटर वाहनों पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के प्रयासों को भी बल मिल सकता है।
पंकज सिंह ने कहा कि इतने बड़े स्तर की अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता से पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे। इससे दुनिया के सामने भारत की उस क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, जिसके जरिए देश बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की सफलतापूर्वक मेजबानी कर सकता है। 2032 की यह चैंपियनशिप केवल पेशेवर साइकिलिंग के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं होगी, बल्कि शहरों में बेहतर साइकिलिंग ढांचे, सक्रिय परिवहन और पर्यावरण के अनुकूल यातायात व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में भी अहम भूमिका निभा सकती है।
पुणे के 2032 में दुनिया के शीर्ष रोड साइकिलिस्टों का केंद्र बनने से भारत को इस आयोजन की एक स्थायी विरासत तैयार करने का अवसर मिलेगा। इससे एक ओर जहां देश में एलीट स्तर की साइकिलिंग को बढ़ावा मिल सकता है, वहीं दूसरी ओर आम लोगों के बीच रोजमर्रा के आवागमन के लिए साइकिल के इस्तेमाल को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
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