अलवर , अक्टूबर 04 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया ने कहा है कि नशा वर्तमान में देश की सबसे बड़ी सामाजिक बुराइयों और गंभीर चुनौतियों में शामिल है।
श्री पूनिया ने अलवर में रविवार को 'माई भारत' के नशा विरोधी पदयात्रा में शामिल हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'नशा मुक्त भारत' के संकल्प को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के साथ देश को नशे से मुक्त करना भी महत्वपूर्ण संकल्प है।
श्री पूनिया ने कहा कि पंजाब जैसे समृद्ध राज्य की युवा पीढ़ी नशे की समस्या से प्रभावित हुई है और नशे का नेटवर्क दूसरे हिस्सों तक भी फैल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' सहित विभिन्न मंचों से नशा मुक्ति को लेकर युवाओं और समाज को लगातार जागरूक किया है। 'माई भारत' से जुड़े देश के करोड़ों युवा नशा विरोधी अभियानों और रचनात्मक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं।
पंजाब भाजपा प्रभारी के तौर पर श्री पूनिया ने राज्य की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का भी जिक्र करते हुए बताया कि 18 सितंबर से 30 सितंबर तक पंजाब में चार यात्राएं निकाली गईं, जो राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचीं और करीब चार हजार किलोमीटर का सफर तय किया। यात्राओं का समापन 30 सितंबर को जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुआ।
उन्हाेंने कहा कि भाजपा पंजाब को नशे से मुक्त करने के संकल्प के साथ अभियान चला रही है और पार्टी ने 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। श्री शाह ने 30 सितंबर को जालंधर में 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को 'चिट्टा' मुक्त करने का लक्ष्य सार्वजनिक रूप से रखा था।
पंजाब की राजनीति पर भी श्री पूनिया ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ नशा, अपराध और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर जनआक्रोश होने का दावा किया। उन्होंने पंजाब कांग्रेस को 'विभाजित घर' बताते हुए कहा कि भाजपा इस राजनीतिक स्थिति के बीच खुद को विकल्प के तौर पर पेश कर रही है।
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