मुरादाबाद , जुलाई 16 -- भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारतीय चुनावी प्रणाली विश्व की सबसे पारदर्शी और सक्षम व्यवस्थाओं में शामिल है। इसकी वैश्विक विश्वसनीयता का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि भारत वर्ष 2026 में वैश्विक निर्वाचन प्रबंधन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मंच की अध्यक्षता कर रहा है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त गुरुवार को मुरादाबाद के एक शिक्षण संस्थान में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), बूथ लेवल सुपरवाइजर्स तथा सहायक रिटर्निंग अधिकारियों (एआरओ) के साथ आयोजित संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने चुनावी प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और मतदाता-केंद्रित बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि देश में मतदाता सूची के निर्माण से लेकर मतदान और मतगणना तक की प्रत्येक प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जाती है। चुनाव की सभी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं का सत्यापन और निगरानी राजनीतिक दलों तथा प्रत्याशियों की प्रत्यक्ष मौजूदगी में होती है, जिससे पूरी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।

श्री कुमार ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और त्रुटिरहित होना अत्यंत आवश्यक है। इसमें बूथ लेवल अधिकारियों और सुपरवाइजर्स की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उनकी सतर्कता से प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है तथा अपात्र व्यक्तियों को सूची में शामिल होने से रोका जा सकता है।

उन्होंने अधिकारियों से निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और मतदाता-केंद्रित कार्यप्रणाली अपनाने का आह्वान किया, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। इससे पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त के मुरादाबाद पहुंचने पर वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

संवाददाताओं से बातचीत में श्री कुमार ने मुरादाबाद में आयोजित संवाद को अत्यंत सार्थक बताते हुए कहा कि एक लंबे अंतराल के बाद शहर आकर उन्हें प्रसन्नता हुई। उन्होंने मुरादाबाद में हुए तेज विकास की सराहना की और कहा कि निर्वाचन अधिकारियों एवं स्थानीय लोगों के साथ हुआ यह संवाद लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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