नयी दिल्ली , अप्रैल 19 -- वर्ष 2026 की पहली तिमाही में आईटी सेक्टर के 73,200 से भी अधिक कर्मियों की नौकरियां चली गयी हैं।

यह चिंताजनक आंकड़ा टेक इंडस्ट्री में छंटनी पर नजर रखने वाली वैश्विक साइट 'लेऑफ डॉट एफवाईआई ने जारी किया है। आंकड़ों से पता चलता है कि पहली तिमाही के दौरान कुल 95 कंपनियां इस छंटनी प्रक्रिया में शामिल रहीं। इससे पहले के रुझानों पर गौर करें तो पता चलता है कि 2025 में भी बड़े स्तर पर नौकरियां गयी थीं और वर्तमान आंकड़े बताते हैं कि कंपनियां अब भी लागत कम करने और एआई आधारित पुनर्गठन पर जोर दे रही हैं।

एक के बाद एक छंटनी की घोषणा करने वाले प्रमुख नामों में 'द वॉल्ट डिज्नी कंपनी', 'मेटा प्लेटफॉर्म्स', 'स्नैप इंक' और 'ओरेकल कॉर्पोरेशन' शामिल थे। डिज्नी नौकरियों में करीब 1,000 और कटौती की तैयारी कर रहा है। मार्च में जोश डी'अमारो के मुख्य कार्यकारी के रूप में पदभार संभालने के बाद से यह पहला बड़ा पुनर्गठन है।

डिज्नी के 'सेवरेंस पैकेज' (सेवा समाप्ति पर मिलने वाली राशि) पद और कार्यकाल के आधार पर अलग-अलग हैं। पांच साल से कम की सेवा वाले गैर-प्रबंधकीय कर्मचारियों को चार सप्ताह का वेतन मिलेगा, जबकि लंबे कार्यकाल वाले कर्मचारियों को प्रति वर्ष सेवा के लिए एक सप्ताह का वेतन दिया जायेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 52 सप्ताह है।

मार्च में मेटा ने भर्ती, बिक्री और संचालन विभागों में लगभग 700 पदों को कम कर दिया। कंपनी अपनी कार्यबल कटौती को जारी रखे हुए है, जिसके तहत बरलिंगम और सनीवेल स्थित कैलिफोर्निया कार्यालयों में 198 पद और कम किये जाने हैं। इससे पहले जनवरी में, कंपनी ने अपनी 'ऑग्मेंटेड और वर्चुअल रियलिटी' पहलों से जुड़ी लगभग 1,500 नौकरियों में पहले ही कटौती कर दी थी।

ओरेकल कॉर्पोरेशन भी अब तक के सबसे बड़े पुनर्गठन अभियानों में से एक चला रहा है। इसने दुनिया भर में 20,000 से 30,000 नौकरियों में कटौती की योजना बनायी है। भारत सबसे बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में से एक है, जहां अनुमान के अनुसार लगभग 12,000 पद प्रभावित हुए हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, ये छंटनी क्लाउड, हेल्थकेयर, सेल्स और नेटसूट डिविजनों में फैली हुई है, जो एआई बुनियादी ढांचे में भारी निवेश के कारण कंपनी के व्यापक पुनर्गठन की ओर इशारा करती है।

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