अयोध्या , जनवरी 30 -- श्रीराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने शुक्रवार को बताया कि 19 मार्च को हिंदू नव वर्ष के अवसर पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अयोध्या आगमन को लेकर अनौपचारिक सहमति मिल गई है। इस अवसर पर राम मंदिर परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें मंदिर निर्माण से जुड़े लगभग 400 श्रमिकों को राष्ट्रपति सम्मानित करेंगी।
श्री मिश्र ने बताया कि केंद्रीय संस्कृति विश्वविद्यालय, दिल्ली द्वारा 400 वर्ष पुरानी वाल्मीकि रामायण राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपी गई है, जो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य द्वारा राम यंत्र स्तोत्र भी ट्रस्ट को सौंपा गया है। इन पवित्र ग्रंथों को मंदिर परिसर में सुरक्षित रखा गया है और गर्भगृह में स्थापित किए जाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए एक विशेष चयन समिति गठित की जाएगी तथा ट्रस्ट शीघ्र ही सार्वजनिक विज्ञापन जारी करेगा।
उन्होंने बताया कि रामलला के अस्थायी मंदिर को स्मारक के रूप में फरवरी अंत तक विकसित कर लिया जाएगा। वहीं राम मंदिर आंदोलन के शहीदों की स्मृति में बन रहे स्मारक का कार्य मार्च तक पूर्ण होने की संभावना है।
श्री मिश्र ने कहा कि मंदिर निर्माण से जुड़ी एजेंसियां एलएंडटी और टीसीएस अप्रैल के अंत तक अपना कार्य पूर्ण कर अयोध्या से वापस लौट जाएंगी। राम मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय संस्कृति और विरासत का प्रतीक भी बनेगा।
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