मुरादाबाद , जुलाई 16 -- देश में सांप्रदायिक सौहार्द, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 18 जुलाई को लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में 'अखिल भारतीय हिंदू-मुस्लिम एकता सम्मेलन' का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन का आयोजन जमीयत उलेमा-ए-हिंद और जमीयत उलेमा उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

आयोजकों के अनुसार सम्मेलन की अध्यक्षता जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी करेंगे। कार्यक्रम सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न धर्मों के प्रमुख धर्मगुरु, विधि विशेषज्ञ, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रबुद्धजन भाग लेंगे।

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रेस सचिव फजलुर रहमान कासमी द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश में शांति, सद्भाव और आपसी विश्वास का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है तथा विभिन्न समुदायों के बीच संवाद और सौहार्द को मजबूत करना है।

आयोजन समिति से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता सैयद काब रशीदी ने गुरुवार को बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य समाज में बढ़ रही वैमनस्यता को दूर कर आपसी विश्वास और भाईचारे का वातावरण तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यह मंच विभिन्न धर्मों और विचारधाराओं के लोगों को संवाद का अवसर प्रदान करेगा।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह, वाराणसी स्थित संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. डॉ. विशम्भर नाथ मिश्र सहित विभिन्न धर्मों के प्रमुख धार्मिक नेता, विधि विशेषज्ञ, शिक्षाविद और सामाजिक क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियां अपने विचार रखेंगी। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन के माध्यम से सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश दिया जाएगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित