पटना , जुलाई 26 -- ंचायती राज विभाग के मार्गदर्शन में महिला हितैषी एवं बाल हितैषी पंचायतों की अवधारणा को धरातल पर उतारते हुए पंचायत प्रतिनिधियों, तकनीकी सहयोगी संस्था सीथ्री, जीविका दीदियों, विद्यालय प्रबंधन और स्थानीय समुदाय के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। राज्य के 19 प्रमुख जिलों (नालंदा, पटना, मधुबनी, मुज़फ्फरपुर, रोहतास, नालंदा, नवादा, बक्सर, पूर्वी चंपारण, भोजपुर, सारण, किशनगंज, औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल, लखीसराय, शेखपुरा, सीतामढ़ी एवं शिवहर) के 171 प्रखंडों में शिक्षा से वंचित बालिकाओं को दोबारा स्कूलों से जोड़ा जा रहा है। इसमें जीविका दीदियां परिवारों और सरकारी व्यवस्था के बीच विश्वास की महत्वपूर्ण कड़ी बनी हैं। वे घर-घर जाकर स्कूल छोड़ चुकी बालिकाओं की पहचान कर, माता-पिता से संवाद करती हैं और उन्हें शिक्षा का महत्व समझाती हैं।
पटना जिले के नौबतपुर प्रखंड की दरियापुर पंचायत निवासी 15 वर्षीय निशु कुमारी ने विद्यालय आने-जाने के दौरान असुरक्षा महसूस होने पर स्कूल जाना बंद कर दिया था। इसकी जानकारी वार्ड सदस्य मीना देवी को मिली, उन्होंने जीविका दीदियों, स्कूल के प्रधानाध्यापक और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया। सफल प्रयास के बाद निशु दोबारा विद्यालय लौटी।
मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड की पोखरैरा पंचायत निवासी 17 वर्षीय नंदिनी कुमारी की पढ़ाई सामाजिक दबाव के कारण रुक गई थी। जीविका दीदियों और पंचायत प्रतिनिधियों ने परिवार के साथ कई दौर की बातचीत की, जिसमें बेटी की शिक्षा और परिवार की भूमिका पर चर्चा हुई। लगातार संवाद के बाद परिवार की सोच बदली और नंदिनी का दोबारा नामांकन कराया गया।
मधुबनी जिले के पंडौल प्रखंड की उदयपुर विठुआर पंचायत निवासी गुलशन खातून के पिता की असामयिक मृत्यु के बाद परिवार पर गंभीर आर्थिक संकट आ गया था। इसके कारण गुलशन की पढ़ाई बीच में ही छूट गई। स्थिति को समझते हुए संबंधित आवश्यक दस्तावेज तैयार कर पुन नामांकन की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
इसी जिले के राजनगर प्रखंड की पटवारा उत्तरी पंचायत निवासी संध्या कुमारी की मां की मृत्यु के बाद घरेलू काम और पारिवारिक दबाव के कारण उसकी पढ़ाई लगभग एक वर्ष से बंद थी। वार्ड सदस्य ममता देवी और जीविका समूह ने परिवार को बालिका के शिक्षा के अधिकार और उसके भविष्य के बारे में समझाया। निरंतर प्रयासों से संध्या का पुन नामांकन हुआ है।
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