देहरादून , जुलाई 27 -- आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को उत्तराखंड के देहरादून कलक्ट्रेट में आयोजित 'समाधान दिवस' में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने नागरिकों की शिकायतें सुनीं। समाधान दिवस में पहुँचे 164 मामलों की सुनवाई करते हुए जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि जन समस्याओं के निस्तारण में किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को पूरी जवाबदेही के साथ समयबद्ध कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए।
समाधान दिवस में मुख्य रूप से भूमि धोखाधड़ी, अवैध अतिक्रमण, सीमांकन, सामाजिक-आर्थिक सहायता और मानसूनी बारिश से संपत्तियों को पहुँचे नुकसान से जुड़ी शिकायतें दर्ज की गईं। ऋषिकेश निवासी विनीता ने बेटे की ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण परिवार के आर्थिक रूप से बर्बाद होने की पीड़ा साझा की और सहायता माँगी। वहीं, पल्टन बाजार की जुनतारा देवी ने बीमारी के इलाज व बेटी की स्कूल फीस तथा विधवा अर्चना ने बेटियों की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई। बुजुर्ग राजपाल सिंह ने अपने बेटे पर संपत्ति हड़पने की नीयत से मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाने पर जिला अधिकारी ने एसडीएम को भरण-पोषण अधिनियम के तहत तत्काल वाद दर्ज करने का आदेश दिया।
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