जौनपुर , जून 09 -- उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में करीब दो दशक पुराने खाद्यान्न घोटाले के मामले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) वाराणसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कोटेदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर वर्ष 2004-05 में संचालित सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के तहत सरकारी खाद्यान्न वितरण में अनियमितता कर लगभग 16.50 लाख रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप है।
आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि विकास खंड केराकत के विभिन्न गांवों में सम्पूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना के अंतर्गत नाली निर्माण, संपर्क मार्ग निर्माण एवं मिट्टी भराई जैसे जनहित के कार्य प्रस्तावित किए गए थे। योजना के तहत कार्य करने वाले मजदूरों को मजदूरी के एक हिस्से के रूप में खाद्यान्न, विशेषकर चावल, वितरित किया जाना था।
जांच में आरोप सामने आया कि योजना के क्रियान्वयन के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों द्वारा मिलीभगत कर फर्जी अभिलेख तैयार किए गए और सरकारी खाद्यान्न वितरण में अनियमितता बरतते हुए लगभग 16.50 लाख रुपये के सरकारी धन का गबन किया गया।
इस मामले में वर्ष 2020 में थाना आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू), वाराणसी में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ईओडब्ल्यू की टीम ने ग्राम हुरहुरी, थाना केराकत, जनपद जौनपुर निवासी सुरेंद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अन्य अभियुक्तों के साथ मिलकर सरकारी धन के दुरुपयोग और गबन में शामिल होने का आरोप है।
पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार के निर्देशन में गठित टीम ने मंगलवार सुबह केराकत क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया। कार्रवाई करने वाली टीम में निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा, निरीक्षक करुणेश सिंह, मुख्य आरक्षी प्रिंस तिवारी, रामाश्रय सिंह तथा सरफराज अंसारी शामिल रहे।
ईओडब्ल्यू अधिकारियों के अनुसार मामले की विवेचना अभी जारी है तथा घोटाले में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। जांच के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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