कानपुर नगर , सितंबर 15 -- जनगणना-2027 के द्वितीय चरण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके तहत 16 से 30 नवंबर तक नागरिक स्वगणना कर सकेंगे, जबकि एक दिसंबर से चार जनवरी तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या गणना करेंगे। इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। नागरिकों से कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे, लेकिन इसके लिए किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी और प्रगणक भी कोई दस्तावेज नहीं मांग सकेंगे।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को प्रथम जनपद स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (डीएलसीसीसी) की बैठक हुई। जिलाधिकारी ने ईबी स्प्लिट, फील्ड ट्रेनर और सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण, प्रचार-प्रसार तथा स्वगणना सहित द्वितीय चरण की सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर तक फील्ड ट्रेनर, चार्ज ऑफिसर सहित जनगणना कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा कर लिया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के बेहतर नियोजन और भविष्य की नीतियां तय करने का महत्वपूर्ण आधार होते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति की सही जानकारी दर्ज होना आवश्यक है। उन्होंने जनता से स्वगणना की सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग कर जनगणना में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की। साथ ही अधिकारियों को स्वगणना और जनसंख्या गणना के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना में प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शैक्षणिक, प्रवास सहित अन्य निर्धारित जानकारियां एकत्र की जाएंगी। जनगणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी। स्वगणना की सुविधा के माध्यम से लोग निर्धारित अवधि में स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद प्रगणक घर-घर जाकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जनसंख्या गणना का कार्य पूरा करेंगे।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों को सहायक निदेशक दिनेश कुमार यादव एवं सहायक जिला प्रभारी हिमांशु शुक्ला ने द्वितीय चरण की जनगणना प्रक्रिया, स्वगणना, प्रशिक्षण तथा इससे जुड़ी अन्य तैयारियों के संबंध में जानकारी दी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. विवेक चतुर्वेदी, सभी उप जिलाधिकारी, सभी चार्ज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी तथा जिला विद्यालय निरीक्षक सहित समिति के सदस्य एवं संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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