अलवर , जुलाई 16 -- राजस्थान के अलवर जिले में पिछले 14 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ अब महिला एवं बाल विकास विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है।

आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि बाल विकास परियोजना अधिकारी, अलवर-शहर ने आंदोलन में शामिल 10 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तत्काल कार्यस्थल पर लौटने के निर्देश दिये हैं।

जारी नोटिस में कहा गया है कि संबंधित कार्यकर्ता एक जुलाई 2026 से कार्य बहिष्कार पर हैं और आठ जुलाई से मिनी सचिवालय के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रही हैं। इसके कारण आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिलने वाली सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो रही हैं और गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और पंजीकृत बच्चों को विभागीय योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।

नोटिस में कहा गया है कि कार्यकर्ताओं के धरने-प्रदर्शन को लेकर जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग ने गंभीर नाराजगी व्यक्त की है। विभाग का कहना है कि आंगनबाड़ी सेवाएं बाधित होने से लाभार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है, जो एक गंभीर विषय है।

इसके साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि कार्यकर्ताओं द्वारा जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर सामूहिक रूप से आंदोलन जारी रखना "शोभनीय नहीं" माना जा रहा है। नोटिस में संबंधित कार्यकर्ताओं को तत्काल अपने कार्यस्थल पर उपस्थित होकर कार्य निष्पादन करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्हें चेतावनी दी गयी है कि वे ऐसा नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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