पटना , सितंबर 04 -- राज्यभर में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 90 दिनों से अधिक समय से लंबित ई-चालानों का निपटारा 50 प्रतिशत राशि जमा कर किया जा सकेगा। परिवहन विभाग और यातायात पुलिस के सहयोग से यह विशेष अभियान सभी जिलों के न्यायालय परिसरों में चलेगा। इसके लिए 07 से 11 सितंबर के दौरान आम नागरिक डीटीओ ऑफिस में जाकर अपना चालान जमा कर सकेंगे। यह सुविधा चालान निपटारे में सहूलियत के लिए पहले से प्रदान की जा रही है।
राजधानी पटना में लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को गांधी मैदान और सिविल कोर्ट में आयोजित किया जाएगा। आगामी आयोजन 'एकमुश्त यातायात चालान निपटान योजना-2026' के तहत किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य लंबे समय से लंबित ट्रैफिक मामलों का तेजी से निपटारा करना और लोगों को कानूनी प्रक्रिया में सुविधा देना है।
इसके पूर्व मई माह में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में भी इसी तरह 50 प्रतिशत छूट के साथ 20 हजार से अधिक चालान निपटाए गए थे, जिसमें 05 करोड़ रुपए की राशि जमा की गई थी। अब राष्ट्रीय लोक अदालत में फिर से यह अवसर मिल रहा है।
लोक अदालत में मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं से जुड़े मामलों का निपटारा होगा। इनमें प्रदूषण प्रमाण पत्र न होना, बीमा न होना, फिटनेस प्रमाण पत्र की कमी, ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन रजिस्ट्रेशन से जुड़े उल्लंघन, वाहन चलाते समय मोबाइल का उपयोग, बिना हेलमेट वाहन चलाना, सीट बेल्ट न लगाना, ओवर स्पीडिंग, रेड लाइट जंप और अन्य सामान्य यातायात उल्लंघन शामिल हैं। इन मामलों में निर्धारित जुर्माने पर 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। हालांकि, ओवरलोडिंग से जुड़े मामलों में इस राहत में शामिल नहीं किया गया है।
परिवहन विभाग के सचिव राज कुमार ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने जिले की लोक अदालत में पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठाएं और लंबित चालानों से छुटकारा पाएं। यह पहल केवल लोगों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ न्यायालयों पर बोझ भी कम करेगी।
सचिव ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय हेलमेट, सीट बेल्ट एवं निर्धारित गति सीमा का अनिवार्य रूप से पालन करें। यातायात नियमों का पालन न केवल कानूनी दायित्व है, बल्कि स्वयं की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।
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