प्रतापगढ़ , मई 30 -- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में थाना कोतवाली नगर पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में 12 वर्ष पूर्व पुलिस अभिरक्षा से फरार हुए एक लाख रुपये के इनामी अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस अधीक्षक दीपक भुकर ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान भानु प्रताप दुबे उर्फ महराज उर्फ विक्की (40), निवासी ग्राम संगीयापुर थाना लालगंज, जनपद प्रतापगढ़ के रूप में हुई है। उसे थाना लालगंज क्षेत्र के नहर पटरी धधुआ गाजन गांव के पास से गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने बताया कि भानु प्रताप दुबे वर्ष 2014 में पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था और तब से उसकी तलाश की जा रही थी। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार अभियुक्त का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ प्रतापगढ़ जिले के विभिन्न थानों में कुल 19 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

जांच में पता चला कि अभिरक्षा से फरार होने के बाद वह कुछ समय तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में छिपकर रहा। जेल में रहने के दौरान उसकी पहचान कई अपराधियों से हुई थी, जिनकी मदद से उसने गुजरात के सूरत शहर में अपना ठिकाना बना लिया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपनी पहचान बदल ली थी। सूरत में उसने फर्जी नाम और पते से राशन कार्ड तथा मतदाता पहचान पत्र बनवाया। दस्तावेजों में उसने अपना नाम "दुबे विक्की रामविलास" दर्ज कराया और किमावती कॉम्प्लेक्स, सूरत का पता दर्शाया।

पुलिस के मुताबिक सूरत में वह ट्रक चालक के रूप में काम करने लगा। ड्राइविंग लाइसेंस की आवश्यकता पड़ने पर उसने अपने एक सहयोगी की मदद से वर्ष 2020 में फर्रुखाबाद के पते पर लाइसेंस भी बनवा लिया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है और उसके नेटवर्क तथा फरारी के दौरान की गतिविधियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

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