चेन्नई , मई 23 -- तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में सुलूर के पास शुक्रवार देर शाम तालाब में एक 10 वर्षीय बच्ची का शव मिला, जो गुरुवार शाम से लापता थी।

पुलिस के मुताबिक, सुलूर के पास एक गांव की रहने वाली यह बच्ची घर के पास की दुकान पर गयी थी, लेकिन जब देर तक वह वापस नहीं लौटी तो परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की, मगर उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला।

इसके बाद सुलूर पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश तेज कर दी। लंबी खोजबीन के बाद बच्ची का शव सुलूर के पास कन्नमपलायम के एक तालाब से बरामद हुआ, जहां अधिकारियों के अनुसार, हत्या कर उसका शव फेंक दिया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को सरकारी अस्पताल पहुंचाया।

इस बीच बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाते हुए आक्रोशित परिजनों और भारी तादाद में ग्रामीणों ने रातभर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुजरिमों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए शव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

सीसीटीवी फुटेज से खुलासा हुआ कि बच्ची को आखिरी बार उसके पड़ोसी कार्तिक के साथ देखा गया था, जो उसे दोपहिया वाहन पर ले गया था। इस आधार पर पुलिस ने कार्तिक को गिरफ्तार कर लिया और बाद में उसके साथी मोहनराज को भी पकड़ लिया।

पुलिस ने मोहनराज को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं पुलिस से भागने की कोशिश के दौरान पैर फिसल कर गिरने के कारण कार्तिक के पैर में फ्रैक्चर हो गया, जिसके बाद उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लंबी बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत कराया, जिसके बाद ही रातभर से चल रहा यह प्रदर्शन समाप्त हुआ। शनिवार दोपहर बाद बच्ची के शव का पोस्टमार्टम किया गया और दोपहर को ही शव उसके माता-पिता को सौंप दिया गया।

इस बर्बर घटना की चौतरफा निंदा शुरू हो गयी है। विपक्षी दलों ने सरकार को घेरते हुए आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। मामले की गंभीरता के मद्देनजर तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और पुलिस बल के प्रमुख तुरंत विमान से कोयंबटूर पहुंचे, ताकि जांच में तेजी लायी जा सके। उन्होंने उस तालाब का दौरा किया, जहां बच्ची का शव मिला था और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की।

कोयंबटूर उत्तर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले तमिलनाडु के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री वी. संपत कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने अस्पताल का भी दौरा किया और आरोपियों को सख्त व जल्द से जल्द सजा दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया।

इसी बीच द्रमुक नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन, अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी, अन्नाद्रमुक के बागी गुट के नेता और पूर्व मंत्री एस. पी. वेलुमणि, पीएमके अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य डॉ. अनबुमणि, भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई और एएमएमके के संस्थापक टीटीवी दिनकरन समेत तमाम विपक्षी दलों ने इस घटना की पुरजोर निंदा की है। नेताओं ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और सरकार से महिलाओं व बच्चों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए कदम उठाने को कहा।

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