बेंगलुरु , जून 17 -- कर्नाटक प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार नीत सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों के बजाय "रियल एस्टेट हितों" को प्राथमिकता दे रही है।
श्री विजयेंद्र ने प्रस्तावित ग्रेटर बेंगलुरु इंटीग्रेटेड टाउनशिप (जीबीआईटी) परियोजना का विरोध कर रहे किसानों से मिलने के लिए बिदादी जाने से पहले पत्रकारों से यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार रियल एस्टेट से जुड़े एजेंडे के लिए खेती की जमीन लेने की कोशिश कर रही है, जबकि किसानों की चिंताओं को नज़रअंदाज़ कर रही है। उन्होंने विवादित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट, गारंटी योजनाओं के लाभार्थियों पर रोक और राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से वित्तीय जानकारी की मांग को एक-दूसरे से जोड़ा।
उन्होंने कहा, "सरकार की प्राथमिकता रियल एस्टेट है, किसान नहीं। किसानों की समस्याओं को हल करने के बजाय, वह एक टाउनशिप प्रोजेक्ट के लिए उनकी जमीन लेने की कोशिश कर रही है।" उन्होंने जमीन लेने की प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की। श्री विजयेंद्र ने सरकार की फ्लैगशिप गारंटी स्कीमों को संभालने के तरीके पर भी हमला किया और सवाल किया कि अगर आयकर देने वालों को सच में गृह लक्ष्मी जैसे कल्याणकारी कार्यक्रम के तहत फायदे मिल रहे थे, तो कार्यान्वयन समितियां पहले अपात्र लाभार्थी की पहचान करने में विफल क्यों रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि गारंटी कार्यान्वयन समितियां, कार्यालय , वेतन और दूसरी सुविधाओं पर करोड़ों खर्च किए जा रहे हैं तथा अब सरकार शर्तें लगा रही है क्योंकि वह गारंटी को वित्त पोषित नहीं कर पा रही है।"भाजपा नेता ने आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत से उसकी संपत्ति और आय के स्रोत का विवरण मांगने के लिए श्री प्रियांक खड़गे की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, "प्रियांक खड़गे कर्नाटक के गृह मंत्री हैं या केन्द्रीय गृह मंत्री , उन्हें आरएसएस पर रोज़ाना बयान देने के बजाय राज्य में कानून व्यवस्था के मुद्दों पर फोकस करना चाहिए।" उन्होंने कांग्रेस सरकार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर उल्टा-पुल्टा रुख अपनाने का आरोप लगाया और प्रतिलिपि, मरे हुए और अपात्र मतदाताओं की पहचान करने के लिए चुनाव आयोग के कार्य का बचाव किया।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का ज़िक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं को संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करने के बजाय उनकी नागरिकता की स्थिति से जुड़े सवालों को साफ़ करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार लोगों को घर देने, किसानों की परेशानी दूर करने और डेयरी क्षेत्र को ठीक से सहयोग करने में नाकाम रही है, जबकि साथ ही अपनी गारंटी स्कीमों के तहत मिलने वाले फ़ायदों पर भी रोक लगा रही है।
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