नयी दिल्ली , मार्च 20 -- तेल कंपनियों की ओर से प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि इस बढ़ोतरी का आम आदमी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा, "यह बढ़ोतरी केवल प्रीमियम श्रेणी में हुई है, और यह हर दिन बिकने वाले कुल पेट्रोल का मुश्किल से 2-4 प्रतिशत ही है।" गौरतलब है कि प्रीमियम पेट्रोल को हाई-ऑक्टेन या परफॉर्मेंस फ्यूल कहा जाता है। यह इंजन की कार्यक्षमता को बढ़ाने और बेहतर माइलेज देने का काम करता है। इसका उपयोग मुख्य रूप से लग्ज़री, स्पोर्ट्स और अन्य हाई-परफॉर्मेंस वाहनों में किया जाता है।

सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल ) ने अपने प्रीमियम-ग्रेड पेट्रोल की कीमत में दो रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, और नयी दरें शुक्रवार से लागू हो गई हैं। कंपनी ने हालांकि आधिकारिक तौर पर इस बदलाव का कोई कारण नहीं बताया है, लेकिन उद्योग के जानकारों का मानना है कि यह वैश्विक कच्चे तेल के बाज़ारों में उतार-चढ़ाव और ईरान तथा अमेरिका के बीच तनाव के चलते लॉजिस्टिक्स लागत में हो रहे बदलावों से जुड़ा हो सकता है।

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