नयी दिल्ली , फरवरी 16 -- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) और फ्रांस की सफरान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस (एसईडी) ने 'हैमर' हथियार प्रणाली के लिए संयुक्त उद्यम स्थापित करने का समझौता किया है। यह करार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा से पहले किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को मुंबई में राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात करेंगे, जहां दोनों नेता भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे और प्रमुख क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

संयुक्त उद्यम कंपनी अधिनियम के तहत एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में गठित की जाएगा, जिसका पंजीकृत कार्यालय और मुख्य व्यवसाय स्थल पुणे या दोनों पक्षों द्वारा सहमति से तय किसी अन्य स्थान पर होगा।

नयी कंपनी एक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में कार्य करेगी और हैमर प्रणाली के गाइडेंस किट (जीके) के निर्माण, आपूर्ति, रखरखाव और मरम्मत के लिए प्रौद्योगिकी एवं साझेदारी भागीदार की भूमिका निभाएगी। इसके प्राथमिक उपयोगकर्ता भारतीय वायुसेना और भारतीय नौसेना होंगे, जबकि आवश्यकता अनुसार अन्य भारतीय उपयोगकर्ताओं को भी शामिल किया जा सकता है।

संयुक्त उद्यम की प्रारंभिक अधिकृत शेयर पूंजी एक लाख रुपये (100 रुपये के 1,000 इक्विटी शेयर) होगी, जिसे आवश्यकता के अनुसार बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये तक किया जा सकता है। बीईएल और एसईडी की हिस्सेदारी समान रूप से 50-50 प्रतिशत होगी। निदेशक मंडल में चार निदेशक होंगे। दो को बीईएल नामित करेगी और दो को एसईडी। अध्यक्ष की नियुक्ति नामित निदेशक करेंगे और उन्हें निर्णायक मताधिकार प्राप्त नहीं होगा।

संयुक्त उद्यम को मंजूरी देने के लिए निदेशक मंडल की बैठक रविवार को हुई। इस समझौते से संबंधित कोई संबद्ध पक्ष लेनदेन नहीं है। यह साझेदारी भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करेगी और उन्नत सैन्य प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में फ्रांस के साथ रणनीतिक सहयोग को और सुदृढ़ बनाएगी।

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