पटना , मार्च 16 -- बिहार के ग्रामीण इलाकों में सड़कों की स्थिति को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से विकसित किया गया 'हमारा बिहार हमारी सड़क' एंड्रॉयड ऐप प्रभावी सिद्ध हो रहा है।
आम जनमानस की शिकायतों के त्वरित निवारण और विभागीय कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से विकसित किए गए एंड्रॉयड ऐप ने उल्लेखनीय परिणाम सुनिश्चित किया है। अब तक इस ऐप के माध्यम से प्राप्त होने वाली ग्रामीण सड़क संबंधी 93.83 प्रतिशत से अधिक शिकायतों का विभाग द्वारा निवारण किया जा चुका है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग की सुगम संपर्कता के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि अब तक पूरे राज्य के विभिन्न प्रमंडलों से विभाग को "हमारा बिहार हमारी सड़क" एंड्रॉयड ऐप पर कुल 2,725 शिकायतें दर्ज प्राप्त हुई थीं। विभागीय अभियंताओं और अधिकारियों ने आम जनता की इन शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अब तक 2,557 शिकायतों का सफल निष्पादन कर दिया है। वहीं वर्तमान में पूरे राज्य में केवल 168 शिकायतें ही लंबित हैं, जिन पर तेजी से कार्य चल रहा है और उनका भी यथाशीघ्र निष्पादन का सख्त निर्देश दिया गया है।शिकायतों के निष्पादन में तेजी इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि विभाग जनसमस्याओं के समाधान और ग्रामीण आधारभूत संरचना के रखरखाव को लेकर गंभीर है।
विभाग द्वारा विकसित यह बहुउद्देश्यीय ऐप राज्य के सभी 534 प्रखंडों के अधीन आने वाली ग्रामीण सड़कों की पूरी सूची आम जनता को प्रदान करता है। इस ऐप ने सुदूर गांवों के आम आदमी को सीधे पटना मुख्यालय से जोड़ दिया है। इस ऐप के माध्यम से अब कोई भी व्यक्ति अपने इलाके की ग्रामीण सड़कों की खराब स्थिति, जैसे सड़क में बने गड्ढे, क्षतिग्रस्त सड़क या अन्य किसी भी तरह की समस्याओं की रिपोर्ट सीधे ग्रामीण कार्य विभाग को कर सकता है। घर बैठे ही कोई भी आम नागरिक इस ऐप पर सीधे तस्वीरके साथ अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है।
शिकायत दर्ज होते ही वह सीधे संबंधित अधिकारी के पास पहुंच जाता है और राज्य मुख्यालय से इसकी निरंतर लाइव मॉनिटरिंग की जाती है।ग्रामीण कार्य विभाग के शीर्ष अधिकारियों द्वारा इस ऐप पर आने वाली शिकायतों की नियमित स्तर पर सघन समीक्षा की जा रही है, जिससे जनता की शिकायत का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके। इस डिजिटल पहल के जरिए बिहार के ग्रामीण पथों को लंबे समय तक गढ्ढामुक्त और टिकाऊ बनाए रखने का विभाग का संकल्प अब धरातल पर पूरी तरह से साकार हो रहा है।
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