जयपुर , दिसम्बर 15 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राजस्थान का हर नागरिक निरोगी, स्वस्थ और खुशहाल हो, इस संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार 'स्वस्थ राजस्थान' के लक्ष्य पर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही हैै और इसके तहत प्रदेश में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का ढांचा तैयार करने के साथ ही गांव-ढाणियों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच को सुगम बनाया जा रहा है।
श्री शर्मा सोमवार को यहां राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आरयूएचएस चिकित्सालय परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय आरोग्य शिविर, रक्तदान शिविर और विभिन्न कार्यक्रमों के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होेंने कहा कि राज्य सरकार ने दो वर्ष सेवा और समर्पण के साथ कार्य किया है। इन दो वर्षों में सुशासन की स्थापना, विकास को गति देने और प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए राज्य सरकार ने हर निर्णय, हर प्रयास, हर योजना के केंद्र में जनता को ही रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर प्रदेशभर में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए कई महत्वपूर्ण सौगातें दी गई हैं। आरयूएचएस में उन्नत चिकित्सा सुविधाओं से युक्त क्रिटिकल केयर ब्लॉक प्रदेशवासियों को समर्पित किया जा रहा है। यह ब्लॉक 20 करोड़ रुपये की लागत से बना है, जिसमें आईसीयू बेड, इमरजेंसी के लिए विशेष बेड, एडवांस्ड वेंटिलेटर सिस्टम, मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर और डायलिसिस आदि सुविधाएं हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में मेडिकल कॉलेजों से लेकर सब सेंटर तक आरोग्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इनमें 30 वर्ष से अधिक आयु के हर व्यक्ति की बीएमआई, बीपी, शुगर और कॉमन कैंसर आदि जांच कर उचित उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आरोग्य शिविर में आने वाले रोगियों को निशुल्क दवा और निशुल्क जांच उपलब्ध भी कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है। जिन्होंने, रक्तदान जैसा महादान कर अनगिनत जीवन बचाने का संकल्प लिया है, वे सभी अभिनंदन के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के जिला मुख्यालय तथा तहसील स्तर पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। श्री शर्मा ने मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हील इन राजस्थान पॉलिसी, 2025 का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह नीति प्रदेश को कम लागत वाले विश्वसनीय और सुलभ मेडिकल वैल्यू ट्रैवल डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
श्री शर्मा ने कहा कि केन्द्र और राज्य की डबल इंजन की सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही विशेष योग्यजनों को विकलांग नहीं दिव्यांग कहकर उनका सम्मान बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में दिव्यांगजनों को व्हील चेयर और उपकरणों का वितरण किया जा रहा है। राज्य सरकार ने अपने दो बजट में डेढ़ लाख दिव्यांगों को 20 हजार रुपये तक के कृत्रिम अंग एवं उपकरण उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है, जिसे हम तेजी से पूरा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत निशुल्क जांचों के लिए हब एवं स्पोक मॉडल लागू किया जा रहा है। इसके तहत राजकीय चिकित्सालयों में मरीजों को ट्रोपोनिन, कैंसर मार्कर, बायोप्सी, विटामिन्स, थैलेसीमिया, हीमोफिलिया, हेपेटाइटिस और थायराइड जैसी 100 से अधिक विशिष्ट जांचें निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य में 42 मदर लैब, 137 हब लैब एवं 1 हजार 333 स्पोक चिह्नित किए गए हैं। आज 11 मदर लैब व 400 स्पोक का शुभारंभ किया जा रहा है। इस मॉडल में सैंपल कलेक्शन से लेकर रिपोर्टिंग तक सभी कार्यों का रिकॉर्ड ऑनलाइन रखा जाएगा और मरीजों को घर बैठे ऑनलाइन रिपोर्ट मिल सकेगी।
श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के स्वास्थ्य परिदृश्य को बदलने के संकल्प को तेजी से साकार कर रही है। गत दो वर्षों में चिकित्सा और स्वास्थ्य विभाग में 35 हजार पदों पर भर्ती की गई है वहीं 15 हजार पदों के लिए नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में 132 नए पैकेज जोड़े गए हैं। इस योजना के तहत अब तक 35 लाख से अधिक लाभार्थियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है।
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