मुंबई , जुलाई 28 -- अभिनेता शरद केलकर ने फिल्म 'श्रीकांत' को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे सार्थक और प्रेरणादायक कहानियों की जीत बताया है।72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में राजकुमार राव अभिनीत 'श्रीकांत' को सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फिल्म का सम्मान मिला है। फिल्म में शरद केलकर ने रवि मांथा की भूमिका निभाई थी, जो श्रीकांत बोला के निवेशक, मार्गदर्शक और करीबी सहयोगी के रूप में नजर आए थे।

राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर शरद केलकर ने कहा कि कुछ फिल्में अभिनय के लिए की जाती हैं और कुछ इसलिए कि वे यह याद दिलाती हैं कि कहानियां क्यों सुनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब निर्देशक तुषार हिरानंदानी यह स्क्रिप्ट लेकर आए थे, तब टीम का उद्देश्य केवल श्रीकांत बोला के संघर्ष और जज्बे को ईमानदारी से पर्दे पर प्रस्तुत करना था, न कि पुरस्कारों के बारे में सोचना।

केलकर ने कहा कि यह सम्मान उन कहानियों की पहचान है जो समाज में सकारात्मक संदेश देती हैं और लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि रवि मांथा का किरदार निभाते हुए उन्होंने भरोसे और विश्वास की ताकत को करीब से महसूस किया और आज फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलना उनके लिए गर्व का क्षण है।

तुषार हिरानंदानी निर्देशित 'श्रीकांत' में राजकुमार राव ने मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म में ज्योतिका, अलाया एफ और शरद केलकर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आए। रिलीज के समय फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों से सराहना मिली थी। यह फिल्म दृष्टिबाधित उद्यमी श्रीकांत बोला के जीवन पर आधारित है और समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए बड़ी संख्या में दृष्टिबाधित कलाकारों को भी शामिल किया गया था।

शरद केलकर ने कहा कि 'श्रीकांत' की सफलता और राष्ट्रीय पुरस्कार इस बात का प्रमाण हैं कि संवेदनशील और मानवीय कहानियां आज भी दर्शकों के दिलों तक पहुंचने की क्षमता रखती हैं।

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