चंडीगढ़ , अक्टूबर 29 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता श्वेत मलिक ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर 'पंजाब शिक्षा क्रांति' के नाम पर केवल रंग-रोगन, उद्घाटन समारोह और विज्ञापनों पर ध्यान देने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों और विद्यार्थियों की वास्तविक समस्याओं की अनदेखी कर रही है।
श्री मलिक ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि सरकारी स्कूलों में करीब तीन वर्षों से सेवाएं दे रहे 253 मास्टर कैडर शिक्षकों की सेवाएं समाप्त किया जाना चिंताजनक है। सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों को करीब 10 महीने से वेतन नहीं मिलने का मामला भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने सरकार के फैसलों को शिक्षक और जनविरोधी करार दिया।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण शिक्षकों में असुरक्षा और अनिश्चितता का माहौल है। उन्होंने कहा कि एक ओर शिक्षक अपनी नौकरी और आजीविका बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार 'पंजाब शिक्षा क्रांति' के तहत 599 सरकारी स्कूलों में मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्थानीय विधायकों के नाम वाली ग्रेनाइट पट्टिकाएं लगाने पर करीब 30 लाख रुपये खर्च कर रही है।
श्री मलिक ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार केवल स्कूलों की दीवारों पर रंग-रोगन कराने, उद्घाटन समारोह आयोजितकरने और विज्ञापन देने से नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही वह शिक्षा क्रांति है, जिसका वादा पंजाब के लोगों से किया गया था। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के प्रदर्शन जारी हैं और पदोन्नति से जुड़े विवादों के बीच सरकार राजनीतिक प्रचार पर करदाताओं का पैसा खर्च कर रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार शिक्षा को राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाने के बजाय शिक्षकों और विद्यार्थियों की जरूरतों को प्राथमिकता दे।
श्री मलिक ने कहा कि भाजपा पंजाब के शिक्षकों के साथ खड़ी है और पारदर्शी, जवाबदेह तथा विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा व्यवस्था के लिए आवाज उठाती रहेगी।
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