नयी दिल्ली , अक्टूबर 24 -- छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने शनिवार को कहा कि वह विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष 'शांति बांड' (पीस बांड) पर हस्ताक्षर नहीं करेंगी। उन्होंने सवाल उठाया कि उनसे किसकी शांति बनाए रखने को कहा जा रहा है, और आरोप लगाया कि ऐसे कदमों का इस्तेमाल लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए किया जा रहा है।
यह कदम उच्च न्यायालय के उनकी उस याचिका को खारिज करने के एक दिन बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने पुलिस के उस नोटिस को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें जमानतदार के साथ 10,000 रुपये का व्यक्तिगत बांड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।
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