नयी दिल्ली , फरवरी 20 -- प्रख्यात संगीतकार ए.आर. रहमान ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय के समक्ष सहमति जताई कि फिल्म पोन्नियिन सेल्वन II के गीत 'वीरा राजा वीरा' में दागरवाणी ध्रुपद परंपरा को क्रेडिट दिया जाएगा। यह व्यवस्था कॉपीराइट विवाद के अंतिम निपटारे तक अंतरिम रूप से लागू रहेगी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा रहमान की ओर से दिए गए बयान को रिकॉर्ड पर लिया। इसके अनुसार सभी ओटीटी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर गीत के साथ यह क्रेडिट लाइन प्रदर्शित की जाएगी: "डागरवानी परंपरा ध्रुपद से प्रेरित रचना, जिसे पहली बार स्वर्गीय उस्ताद एम फैयाजुद्दीन डागर और उनके भतीजे ने रिकॉर्ड किया था।"न्यायालय ने निर्देश दिया कि संशोधित क्रेडिट पांच सप्ताह के भीतर प्रदर्शित किया जाए। साथ ही, दिल्ली उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के आदेश के तहत पहले जमा कराए गए दो करोड़ रुपये रजिस्ट्रार जनरल के पास सुरक्षित रहेंगे। लंबित दीवानी वाद की सुनवाई निचली अदालत में जारी रहेगी और उस पर किसी भी अदालत की टिप्पणियों का प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इससे पहले 14 फरवरी की सुनवाई में उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि दागरवाणी ध्रुपद की पहली प्रस्तुति मात्र से स्वतः रचनाकार होने का अधिकार स्थापित नहीं होता, लेकिन शास्त्रीय परंपरा में दागर परिवार के योगदान का उचित उल्लेख किया जाना चाहिए।

यह विवाद फैयाज वसीफुद्दीन डागर द्वारा दायर वाद से उत्पन्न हुआ, जिसमें दावा किया गया है कि 'वीरा राजा वीरा ' में 'शिव स्तुति' की संरचना का पर्याप्त अंश पुनरुत्पादित किया गया है। उक्त रचना उनके पिता नासिर फैयाजुद्दीन दागर और चाचा जाहिरुद्दीन दागर से जुड़ी हुई है।

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