गयाजी, फरवरी 28 -- ेंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शनिवार को कहा कि "वही ब्राह्मण पूज्य है, जो ब्रह्म को जानता है, लेकिन ब्राह्मणवाद के नाम पर आडंबर, छुआछूत और लोगों को मूर्ख बनाना गलत है और इसका विरोध होना चाहिए।

श्री मांझी गया शहर के एक निजी स्कूल के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और ब्राह्मणवाद, शिक्षा व्यवस्था, अरविंद केजरीवाल प्रकरण और राज्यसभा सीटों पर मिडिया के सवालों का जवाब दिया।

ब्राह्मणवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में मांझी ने स्पष्ट कहा कि ब्राह्मण एक जाति है, जबकि ब्राह्मणवाद एक विचारधारा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में जाति जन्म से नहीं, बल्कि कर्म के आधार पर तय होती थी।

केंद्रीय मंत्री ने सरकारी शिक्षकों को सुधरने की सलाह दी और कहा कि वह लंबे समय से इस व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी शिक्षक 60 हजार से सवा लाख रुपये तक वेतन लेने के बावजूद बच्चों को वैसी शिक्षा नही दे पा रहे हैं जो 25 से 30 हजार वेतन पाने वाले निजी स्कूलों के शिक्षक दे रहे हैं। उन्होंने कहा सभी शिक्षक खराब नहीं हैं, करीब 10 प्रतिशत शिक्षक अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन बहुसंख्यक को आत्ममंथन और सुधार की जरूरत है।

उन्होंने सरकार से भी आग्रह किया कि शिक्षा पर रिकॉर्ड बजट खर्च करने के बाद उसका ठोस और सकारात्मक परिणाम जमीन पर दिखना चाहिए।

श्री मांझी ने अरविंद केजरीवाल से जुड़े सवाल पर कहा कि किसी पर राजनीतिक हमला करना गलत है, लेकिन यह भी सच्चाई है कि आरोपों के बाद चार्जशीट, गिरफ्तारी और जेल की प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी आधार पर हुई थी। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और अन्य नेताओं को न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए भारत सरकार का धन्यवाद देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मनसा ठीक नही होटी तो इतनी आसानी से रिहाई नहीं होती।

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