जयपुर , मई 24 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार सोमवार से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' की शुरुआत करेगी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गंगा दशमी के शुभ अवसर पर श्री शर्मा सोमवार को टोंक में बीसलपुर बांध पर जल पूजन और शिव मंदिर में अभिषेक के साथ अभियान का शुभारंभ करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री ईसरदा, बंध बरेठा और गालवा बांध का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। इसी दिन मुख्यमंत्री भरतपुर के गंगा माता मंदिर में आरती और सुजानगंगा नहर में दीपदान भी करेंगे।
यह अभियान विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) तक चलेगा। अभियान का उद्देश्य केवल जल स्रोतों की साफ-सफाई या पौधारोपण तक सीमित नहीं होकर समाज के प्रत्येक वर्ग को जल संरक्षण की सामूहिक जिम्मेदारी से जोड़ते हुए इसे जीवन का प्रण बनाना है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन के साथ पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं, धार्मिक संगठनों, उद्योगपतियों, युवाओं, महिलाओं और आमजन की भागीदारी सुनिश्चित की गयी है।
प्रदेश में वर्षा की अनियमितता और लगातार बढ़ती जल आवश्यकताओं को देखते हुए परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण को अभियान का मुख्य आधार बनाया गया है। प्रदेशभर में इसी दिन कुओं, बावड़ियों, तालाबों, नहरों एवं अन्य जल स्रोतों के पूजन के साथ जिला स्तरीय अभियान की शुरुआत होगी। इस दौरान जिले से लेकर ग्राम स्तर तक जल स्रोतों पर स्वच्छता अभियान, श्रमदान, दीप प्रज्ज्वलन और जन-जागृति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, जल संसाधन विभाग द्वारा जल उपयोगिता संगम और किसानों के सहयोग से नहरों एवं खालों की साफ-सफाई की जाएगी। साथ ही, नदी, बांधों, सरोवर एवं नहरों पर पूजन किया जाएगा। नये जल संरक्षण कार्यों का शिलान्यास, भूमि पूजन एवं पूर्ण कार्यों का लोकार्पण भी किया जाएगा। विद्यार्थियों में जागरूकता लाने के उद्देश्य से वंदे गंगा प्रभात फेरियां, गंगा दशहरा की महत्ता पर लेखन प्रतियोगिताएं तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) से जुड़ी महिलाओं द्वारा कलश यात्रायें निकाली जायेंगी तथा पीपल पूजन, पौधारोपण एवं ईको फ्रेंडली स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनियां लगाई जायेगी।
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