बड़वानी , मई 19 -- मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के अंजड़ थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना के बाद शुरू हुआ पुरस्कार विवाद पुलिस जांच के बाद सुलझ गया है। घायल युवक की मदद करने वाले दोनों युवकों को राहवीर योजना के तहत संयुक्त रूप से पुरस्कार दिए जाने की अनुशंसा की गई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना छह मई की है, जब मेहगांव डेब गांव के पास एक लोडिंग वाहन ने दवाना निवासी सुनील की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। दुर्घटना में सुनील गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन बाद में इस बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया कि घायल को सबसे पहले किसने मदद पहुंचाई और राहवीर योजना का वास्तविक हकदार कौन है।

पुलिस अधीक्षक पद्म विलोचन शुक्ला ने बताया कि सेमलदा निवासी विकास कुशवाहा ने दावा किया था कि वह घायल सुनील की मोटरसाइकिल के पीछे चल रहा था। दुर्घटना के तुरंत बाद उसने घायल को संभाला, वाहन रुकवाया और अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

वहीं वाहन मालिक विकास पटेल का कहना था कि रास्ते से गुजरते समय उसने भीड़ देखी और अपनी गाड़ी रोककर घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया। जांच में यह भी सामने आया कि विकास कुशवाहा भी घायल के साथ अस्पताल तक गया था।

दोनों पक्षों के दावे सामने आने के बाद अंजड़ थाना प्रभारी आर.आर. चौहान के माध्यम से मामले की जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि 'गोल्डन आवर' के दौरान घायल को अस्पताल पहुंचाने में दोनों युवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसी आधार पर पुलिस ने दोनों को संयुक्त रूप से पुरस्कार दिए जाने की अनुशंसा परिवहन आयुक्त, ग्वालियर को भेजने का निर्णय लिया है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विकास पटेल पहले भी राहवीर योजना के तहत नामित किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की समय पर मदद करने वाले ऐसे नागरिक समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

उल्लेखनीय है कि राहवीर योजना मध्य प्रदेश सरकार की सड़क सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 'गोल्डन आवर' यानी दुर्घटना के एक घंटे के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाकर उसकी जान बचाने में मदद करता है, तो उसे 25 हजार रुपए की नकद राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।

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