चंडीगढ़ , जून 30 -- भारतीय जनता पार्टी हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने अपने लेख 'राष्ट्र प्रथम की वैचारिक यात्रा: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भारतीय जनसंघ की स्थापना' में कहा कि लोकतंत्र केवल सरकार बनाने की व्यवस्था नहीं, बल्कि विचारों की प्रतिस्पर्धा, सिद्धांतों की दृढ़ता और राष्ट्रहित के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का माध्यम है।

डॉ. गुप्ता ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत की राजनीति को वैचारिक दिशा देते हुए राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। उन्होंने लिखा कि 21 अक्टूबर 1951 को भारतीय जनसंघ की स्थापना केवल एक राजनीतिक दल का गठन नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा को संगठित स्वर देने का ऐतिहासिक प्रयास था। डॉ. मुखर्जी का मानना था कि राजनीति का उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा, समाज का उत्थान और भारत की सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा होना चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष ने अपने लेख में कहा है कि डॉ. मुखर्जी ने संगठन को चुनावी राजनीति तक सीमित न रखकर राष्ट्रहित, सार्वजनिक जीवन की शुचिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं का मंच बनाने पर बल दिया। उन्होंने 'देश दल से बड़ा है' के अपने विचार को सार्वजनिक जीवन का मूल मंत्र बताया और कहा कि राष्ट्र सर्वोपरि की यही विचारधारा आज भी भारतीय लोकतंत्र को दिशा देती है।

डॉ. गुप्ता ने कहा कि डॉ. मुखर्जी की 125वीं जयंती वर्ष पर उनकी वैचारिक विरासत नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।

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