नयी दिल्ली , जुलाई 16 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को शहीद भगत सिंह कॉलेज को स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि यह महाविद्यालय पिछले छह दशकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों में 'राष्ट्र प्रथम' की भावना का विकास कर रहा है।
श्रीमती गुप्ता आज यहां दिल्ली विश्वविद्यालय के शहीद भगत सिंह कॉलेज के डायमंड जुबली समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने शहीद भगत सिंह कॉलेज को स्थापना के 60 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए कहा कि यह महाविद्यालय पिछले छह दशकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों को आत्मसात करते हुए विद्यार्थियों में 'राष्ट्र प्रथम' की भावना का विकास कर रहा है। किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी युवा शक्ति और शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करती है। शहीद भगत सिंह कॉलेज जैसे संस्थान देश के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाते हुए आगे बढ़ रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाये गये हैं। दिल्ली सरकार भी इसी दृष्टिकोण के अनुरूप राजधानी के विद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाओं और तकनीकी सुविधाओं से सुसज्जित कर रही है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में 16 अगस्त को 'अटल कैंटीन' का उद्घाटन किया जायेगा, जहां विद्यार्थियों को मात्र पांच रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध होगा। दिल्ली को एक वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार बेहतर शैक्षणिक आधारभूत संरचना और छात्रावास सुविधाओं पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी क्रम में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय के प्रस्तावित नये परिसर में दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए भी छात्रावास विकसित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक महाविद्यालय को अपने आसपास की बस्तियों से जुड़कर वहां के बच्चों के सपनों को नयी उड़ान देने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि युवा पीढ़ी के सपनों, ऊर्जा और नवाचार से ही विकसित भारत और विकसित दिल्ली के संकल्प को साकार किया जा सकेगा।
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