रायपुर , जनवरी 19 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी में 23 से 25 जनवरी तक तीन दिवसीय 'रायपुर साहित्य उत्सव' का आयोजन किया जाएगा। इस तीन दिवसीय महोत्सव का शीर्षक 'आदि से अनादि तक' है। साहित्य उत्सव में देश-प्रदेश के लगभग 120 ख्यातिप्राप्त साहित्यकारों की सहभागिता रहेगी।
यह आयोजन नया रायपुर स्थित अटल नगर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में संपन्न होगा। कार्यक्रम की रूपरेखा के संबंध में सोमवार दोपहर कार्यक्रम स्थल पुरखौती मुक्तांगन में आयोजन समिति की तरफ से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सलाहकार पंकज झा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा,जनसंपर्क विभाग के अधिकारी उमेश मिश्रा, जे एल दरियों समेत अनेक अधिकारियों ने आज मीडिया से रूबरू चर्चा कर कार्यक्रम के संबंध में संपूर्ण जानकारी प्रदान की ।
तीन दिवसीय इस आयोजन में कुल 42 सत्र आयोजित किए जाएंगे। उत्सव के दौरान बौद्धिक विमर्श, भारतीय ज्ञान परंपरा, संविधान, सिनेमा और समाज, देश में नवजागरण, छत्तीसगढ़ का साहित्य, इतिहास के संदर्भ में साहित्य, शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य की भूमिका, नाट्य शास्त्र, कला परंपरा, साहित्य और राजनीति, समकालीन महिला लेखन, जनजातीय साहित्य, लोक संस्कृति, पर्यटन, पत्रकारिता, शासन जैसे विविध विषयों पर गहन विचार-विमर्श होगा। साथ ही प्रकाशन की चुनौतियां, डिजिटल युग में लेखन और पाठक जैसे समसामयिक विषय भी चर्चा में रहेंगे।
साहित्य उत्सव की तैयारियां तेजी से जारी हैं और 21 जनवरी तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। उत्सव का शुभारंभ 23 जनवरी को राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ नेता हरिवंश द्वारा किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ विचारक एवं अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. कुंदन शर्मा उपस्थित रहेंगे।
उत्सव का समापन 25 जनवरी को होगा, जिसमें राज्य सरकार के मंत्रियों सहित डॉ. सच्चिदानंद जोशी और डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी जैसी विशिष्ट हस्तियां शामिल होंगी। इस दौरान साहित्यकार एवं रंगमंच के चर्चित कलाकार मनोज जोशी के चाणक्य नाटक का मंचन भी 23 जनवरी की शाम सात बजे किया जाएगा।
प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अनुराग बसु भी साहित्य उत्सव में शिरकत करेंगे। 24 जनवरी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में विशेष काव्य पाठ का आयोजन होगा।
साहित्यकारों के विचार-विमर्श और परिचर्चा के लिए चार मंच बनाए गए हैं, जिनका नामकरण छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित साहित्यकारों के नाम पर किया गया है।
मुख्य मंच का नाम ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल के नाम पर रखा गया है। दूसरे मंच का नाम पंडित श्यामलाल चतुर्वेदी, तीसरे मंच का नाम वरिष्ठ साहित्यकार लाला जगदलपुरी, जबकि चौथे मंच का नाम साहित्यकार अमितेश वीर के नाम पर रखा गया है।
आयोजन स्थल पर विशाल पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा, जिसमें प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, सरस्वती बुक, वाणी प्रकाशन, हिंद युग्म प्रकाशन, राजपाल प्रकाशन सहित देश के लगभग 15 प्रमुख प्रकाशक अपनी पुस्तकों की प्रदर्शनी और बिक्री करेंगे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के साहित्यकारों और स्कूली विद्यार्थियों द्वारा लिखी गई पुस्तकों की प्रदर्शनी एवं नई पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा।
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