मथुरा , सितंबर 3 -- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सनातन संस्कृति के दो प्रमुख तीर्थों अयोध्या और मथुरा के मध्य एक अद्भुत भावनात्मक और सांस्कृतिक सेतु स्थापित किया गया है। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा के लिए 'मंगल उपहार-यात्रा' का आयोजन किया गया है। इस अभिनव पहल के तहत श्रीराम मंदिर में पूजित पुष्प, अभिषेक सामग्री, श्रृंगार सामग्री, वस्त्र, फल और मिष्ठान श्रद्धापूर्वक मथुरा लाकर ठाकुर जी के श्रीचरणों में अर्पित किए जा रहे हैं।
अयोध्या धाम सीतापुर रसोई के प्रभारी धनजंय पाठक ने कहा कि , श्रीराम और श्रीकृष्ण भारतीय संस्कृति की सनातन चेतना के दो मुख्य स्तंभ हैं। जहाँ श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में कर्तव्य और त्याग का संदेश देते हैं, वहीं श्रीकृष्ण कर्म, ज्ञान और भक्ति का मार्ग दिखाते हैं। दोनों धामों की यह सांस्कृतिक यात्रा मर्यादा से माधुर्य को जोड़ने का एक प्रतीक है।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान न होकर देश के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एकात्मता, समन्वय और सांस्कृतिक निरंतरता का एक अखंड संदेश है। इस ऐतिहासिक पहल के तहत अयोध्या की प्रसिद्ध राम रसोई का प्रसाद, काशी से आया विशेष मेवा और भव्य श्रृंगार सामग्री मथुरा पहुँची है। इस मंगल आयोजन से मथुरा, अयोध्या और काशी में उत्सव का माहौल है तथा संपूर्ण जन्मस्थान परिसर भक्तिमय जयकारों से गूंज उठा है।
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