मुंबई , फरवरी 16 -- यूनानी चिकित्सा की समृद्ध विरासत और स्वदेशी यूनानी चिकित्सा पद्धति के योगदान के उपलक्ष्य में वाणिज्यिक राजधानी में 'यूनानी दिवस' मनाया गया।
एक अधिकारी ने सोमवार को जानकारी दी कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के तत्वाधान में रविवार से शुरू दो दिवसीय कार्यक्रम में 'यूनानी पद्धति में नवाचार और साक्ष्य' विषय पर देश भर के प्रख्यात विद्वानों सहित नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, चिकित्सकों और छात्रों ने भाग लिया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य सेवा के वर्तमान युग में यूनानी चिकित्सा के भविष्य की रूपरेखा तैयार करने पर गहन विचार-विमर्श करना था।
सम्मेलन में नौ विषयगत वैज्ञानिक सत्र आयोजित किये गये, जो नवाचार, साक्ष्य सृजन, औषधि मानकीकरण, नियमित चिकित्सा, इलाज-बिल-गिजा (आहार चिकित्सा), रूपांतरणकारी अनुसंधान, जीनोमिक्स, कृत्रिम बुद्धिमता और शास्त्रीय यूनानी सिद्धांतों के साथ आधुनिक तकनीकों के एकीकरण पर केंद्रित थे। अंतिम दिन वैज्ञानिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन केंद्रीय आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने किया।
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