श्री मुक्तसर साहिब/अमृतसर , अगस्त 03 -- श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने सोमवार को कहा कि सिखी के प्रचार, गुरु घर की मर्यादा और पंथक परंपराओं पर सवाल उठाने वाली सोच से कौम को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि 'मीरी-पीरी खालसा मार्च' कोई राजनीतिक रोड शो नहीं, बल्कि श्री गुरु हरगोबिंद साहिब द्वारा दिये गये मीरी-पीरी के सिद्धांत और सिख परंपराओं का जीवंत स्वरूप है।
श्री अकाल तख्त साहिब की अगुवाई में निकाले जा रहे मीरी-पीरी खालसा मार्च की शुरुआत गुरुद्वारा पातशाही दसवीं थेहड़ी साहिब से हुई। इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के नेतृत्व में चल रही पंथक परंपराओं को राजनीति के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मार्च को 'रोड शो' कहना न केवल सिख परंपराओं की अनदेखी है, बल्कि संगत की धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाने वाला है।
एडवोकेट धामी ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सदियों से पंथ की अगुवाई करता आया है और जैतो मोर्चे से लेकर कठिन दौर तक सिख कौम को दिशा देता रहा है। उन्होंने कहा कि देश-विदेश की संगतों से मीरी-पीरी खालसा मार्च को मिल रहे व्यापक समर्थन से कुछ लोग असहज हैं और इसी कारण इस धार्मिक अभियान पर राजनीतिक टिप्पणियां की जा रही हैं।
इस अवसर पर जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि श्री गुरु हरगोबिंद साहिब ने सिखपंथ को मीरी-पीरी का सिद्धांत देकर स्पष्ट किया था कि भक्ति के साथ शक्ति, संत के साथ सिपाही और धर्म के साथ अन्याय का मुकाबला करने की क्षमता भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पंजाब में बढ़ते नशे, युवाओं का अपने विरसे से दूर होना तथा सिख संस्थाओं पर उठ रहे सवालों के बीच यह मार्च गुरमत, चढ़दी कला और पंथक जागरूकता का संदेश लेकर निकला है।
उन्होंने कहा कि इस यात्रा से बड़ी संख्या में युवाओं में नया उत्साह पैदा हुआ है और अनेक युवाओं ने सिख स्वरूप अपनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म प्रचार और गुरु घर की मर्यादा पर सवाल उठाने वाली सोच से समाज को सतर्क रहना चाहिए और ऐसी मानसिकता को पहले भी सफलता नहीं मिली और आगे भी नहीं मिलेगी।
मीरी-पीरी खालसा मार्च का रास्ते में थराजवाला, लालबाई, चन्नूं, लंबी, खिऊवाली, बादल, कालझराणी, चक्क अतर सिंह वाला, नंदगढ़, घुद्दा, बाहोयात्री, तिउणा, मुलतानियां और बठिंडा सहित विभिन्न स्थानों पर संगतों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। गांव बादल पहुंचने पर शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल, सांसद हरसिमरत कौर बादल तथा बड़ी संख्या में संगतों ने मार्च का स्वागत किया। इस दौरान सुखबीर सिंह बादल ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब को रुमाला साहिब भेंट कर श्रद्धा व्यक्त की तथा पांच प्यारों, जत्थेदार और अन्य प्रमुख हस्तियों का सम्मान किया।
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