रांची , मई 27 -- झारखंड के सीसीएल रजरप्पा क्षेत्र में आज "मिशन सीआईएल@2026: 'रिफॉर्म- ट्रांसफॉर्म'-परफॉर्म -इंफॉर्म" विषय पर एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य संगठन में पारदर्शिता, जवाबदेही, सतर्कता जागरूकता तथा उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी, सीवीओ, सीआईएल बतौर मुख्य अतिथि तथा पंकज कुमार, सीवीओ, सीसीएल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहें। इनके अलावा संजय झा, महाप्रबंधक(सतर्कता), सीआईएल, राजीव सिंह, महाप्रबंधक(रजरप्पा क्षेत्र) सहित हजारीबाग क्षेत्र, अरगड्डा क्षेत्र, कुजू क्षेत्र, बरका-सयाल क्षेत्र एवं सीआरएस बड़काकाना के महाप्रबंधक उपस्थित रहे। उपरोक्त क्षेत्रों से लगभग 150 प्रतिभागियों ने संगोष्ठी में भाग लिया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में रजरप्पा क्षेत्र के महाप्रबंधक राजीव सिंह ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का शॉल, पुष्पगुच्छ एवं नारियल भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों ने "एक पेड़ सतर्कता के नाम" अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया।

अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा, "सतर्कता आपके द्वारा, आपके लिए और हमेशा आपके साथ है" उन्होंने कहा कि सतर्कता केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने कार्य व्यवहार में ईमानदारी, पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने का आह्वान किया।

श्री त्रिपाठी ने सभी प्रतिभागियों को सतर्क रहने, भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष करने, सार्वजनिक जीवन में सत्यनिष्ठा को बढ़ावा देने तथा कोल इंडिया लिमिटेड के लिए गर्व के साथ कार्य करने की शपथ भी दिलाई। संगोष्ठी के दौरान "मिशन सीआईएल@2026के अंतर्गत सतर्कता तंत्र को सुदृढ़ करने, कार्य प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाने, भ्रष्टाचार उन्मूलन तथा संगठनात्मक जवाबदेही को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसी अवसर पर रजरप्पा क्षेत्र के नवीनीकृत आईसीसीसी कंट्रोल रूम का उद्घाटन भी अतिथियों द्वारा किया गया।

कार्यक्रम का संयुक्त संचालन कार्मिक पदाधिकारी सिद्धार्थ का एवं ई एंड टी पदाधिकारी रामाराजू द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन राजीव सिन्हा ने प्रस्तुत किया। संगोष्ठी का समापन संगठन में नैतिक मूल्यों, सतर्कता जागरूकता एवं उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

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