हैदराबाद , मई 25 -- तेलंगाना की पंचायत राज और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री धनश्री अनसूया सीतक्का ने कहा है कि राज्य में 25 मई से 30 मई तक आयोजित 'महिला सप्ताह' उत्सव (महिला वरोत्सव) महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक स्वतंत्रता के प्रति राज्य सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मंत्री ने प्रजा भवन से जारी एक वीडियो संदेश में उत्सव को सरकारी कार्यक्रम की बजाय महिलाओं की ताकत, आत्म-विश्वास, काबिलियत और सशक्तिकरण को दर्शाने वाला एक बड़ा त्योहार बताया। उन्होंने तेलंगाना की महिलाओं को राज्य के आत्मसम्मान और गरिमा का प्रतीक बताया।
सुश्री सीतक्का ने कहा कि स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) छोटी बचत से शुरू हुआ था लेकिन आज तेलंगाना की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनकर उभरे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार महिलाओं को लाभार्थी से उद्यमी और रोजगारदाता बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने अलग-अलग पहलों के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार महिला समूहों को उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए 10 लाख रुपये तक का बिना ब्याज का कर्ज दे रही है। उन्होंने बताया कि महिलाएं सरकारी मदद से कैंटीन, सौर ऊर्जा इकाई और ईंट बनाने के केंद्र सफलतापूर्वक चला रही हैं।
उन्होंने राज्यभर में 8,000 महिला भवनों की नींव रखने पर भी गर्व जताया और कहा कि यह पहल उन दिनों से एक बड़ा बदलाव है जब महिला समूह पेड़ों के नीचे बैठक करते थे। अब एक ऐसा दौर है जहां ग्रामीण महिलाओं ने अपनी गतिविधियों के लिए अलग जगह बनाई है।
मंत्री ने कहा कि महिला सप्ताह का उत्सव पिछले ढाई सालों में सरकार के जनकल्याण की पहलों की समीक्षा करने का भी मौका देगा। उन्होंने कहा कि एक करोड़ साड़ियां बांटने के साथ-साथ सरकार ने महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक संपर्क की सुविधा दी है।
मंत्री ने राज्यभर की महिलाओं से कहा कि वे उत्सव में पूरे जोश के साथ हिस्सा लें और इसे सफल बनाएं। उन्होंने स्वयं सहायता समूह के सदस्यों से भी कहा कि वे सोमवार को शाम 4 बजे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के एसएचजी सदस्यों के साथ होने वाले सत्र में हिस्सा लें।
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